HOLI 2026 : रंगों की फुहार में सराबोर हुआ बूंदी, सैलानियों ने भी खेली होली
रंगों के त्योहार होली पर शहर में रंग-गुलाल की धूम रही. लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते नजर आए.

Published : March 3, 2026 at 11:53 AM IST
बूंदी/झुंझुनूं : रंग, उमंग और उल्लास के प्रतीक धुलंडी पर्व पर ऐतिहासिक नगरी बूंदी रंगों में सराबोर नजर आई. पूरे जिले में हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ धुलंडी का त्योहार मनाया जा रहा है. सुबह की पहली किरण के साथ ही शहर की गलियां रंग-बिरंगी खुशियों से भर उठीं और हर ओर “होली है” की गूंज सुनाई देने लगी. अल सुबह से ही शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. भक्तों ने भगवान के साथ रंगों की होली खेलकर सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर प्रांगणों में गुलाल की लालिमा और फूलों की खुशबू ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया. इसके बाद शहरवासियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर धुलंडी की शुभकामनाएं दीं. छोटे-बड़े, युवा-बुजुर्ग सभी ने गिले-शिकवे भुलाकर रंगों के इस पर्व को प्रेम और सौहार्द के साथ मनाया.
शहर की गलियां और चौक-चौराहे रंगों से सराबोर दिखाई दिए. लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते नजर आए. घर-घर जाकर मित्रों और रिश्तेदारों को गुलाल लगाकर बधाई देने का सिलसिला दिनभर चलता रहा. युवक-युवतियां समूह बनाकर होली गीतों पर थिरकते दिखे. बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया, जिन्होंने पिचकारियों से रंगों की बौछार कर माहौल को और भी रंगीन बना दिया. इससे पूर्व बीती रात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया. शहर सहित जिले के विभिन्न मोहल्लों और गांवों में विधि-विधान के साथ होली का दहन हुआ. लोगों ने होलिका की परिक्रमा कर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की. देर रात तक पूजा-अर्चना और पारंपरिक रस्में निभाई गईं. कई स्थानों पर आकर्षक सजावट और रोशनी के बीच होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए.
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देसी संग विदेशियों ने भी उड़ाई गुलाल : रंगों के इस उत्सव में इस बार विदेशी पर्यटकों की भागीदारी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही. पर्यटन नगरी के रूप में पहचान रखने वाली बूंदी में भ्रमण पर आए विदेशी महिला-पुरुषों ने स्थानीय लोगों के साथ जमकर होली खेली. देसी और विदेशी मेहमानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर उत्सव की खुशियां साझा की. कई विदेशी पर्यटक पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आए और ढोल की थाप पर थिरकते हुए भारतीय संस्कृति के रंग में रंगे दिखाई दिए. स्थानीय नागरिकों ने भी खुले दिल से मेहमानों का स्वागत किया. विभिन्न स्थानों पर भजनों और होली गीतों की स्वर लहरियों के बीच लोग झूमते रहे.

आकर्षक झांकियों निकाली गई : होली के अवसर पर जिले के कई हिस्सों में आकर्षक झांकियों का आयोजन भी किया गया. सामाजिक संगठनों और युवाओं द्वारा सजाई गई झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया. धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों ने त्योहार की गरिमा को और बढ़ाया. पर्व को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आया. शहर में कानून व्यवस्था चाक-चौबंद रही.

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इधर झुंझुनूं में भी धुलंडी का पर्व पूरे हर्षोल्लास, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. शहर के प्रसिद्ध नगर नरेश बालाजी मंदिर परिसर में होली और धुलंडी के अवसर पर भव्य आयोजन हुए. सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी. मंदिर को रंग-बिरंगी सजावट और पुष्प मालाओं से आकर्षक रूप से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. धुलंडी के अवसर पर मंदिर परिसर से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा. जुलूस में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन की धुन पर झूमते हुए आगे बढ़ रहे थे. कई स्थानों पर शहरवासियों ने जुलूस का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया. शहरवासियों ने धुलंडी पर्व को धूमधाम से मनाते हुए प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया तथा आपसी एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प दोहराया.

