होली कब है ? 3 मार्च या 4 मार्च, पंडितजी ने बताई सही तारीख, सुनकर दूर कीजिए सारे कंफ्यूज़न
चंद्रग्रहण के कारण होली को लेकर लोगों में असमंजस बनी हुई है. आईए जानते हैं कि इस साल होली कब है.

Published : February 18, 2026 at 5:19 PM IST
|Updated : February 18, 2026 at 5:39 PM IST
फरीदाबाद: हिंदू पंचांग के अनुसार होली हर वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. हालांकि इस बार पूर्णिमा तिथि 2 और 3 मार्च को पड़ रही है, लेकिन 3 मार्च को चंद्रग्रहण लगने के कारण तिथि को लेकर संशय की स्थिति बन गई है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चंद्रग्रहण के चलते सूतक काल प्रभावी रहेगा, इसलिए शुभ कार्य उस दिन नहीं किए जाएंगे. इसी कारण रंगों का त्यौहार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी.
2 मार्च को होगा होलिका दहन: ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान महंत मुनिराज ने बताया कि, "धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन शुभ मुहूर्त में ही किया जाता है. इस वर्ष 2 मार्च की रात 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 2 मिनट तक होलिका दहन का शुभ समय निर्धारित किया गया है. 3 मार्च की सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा, जिसके चलते उस दिन किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे. इसलिए होलिका दहन 2 मार्च को ही संपन्न होगा."
होली पर बन रहे हैं दो विशेष योग: महंत मुनिराज ने आगे बताया कि, "इस बार होली का पर्व विशेष संयोगों के साथ आ रहा है. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार होली पर सर्वार्थ सिद्धि योग और जयंती योग का निर्माण हो रहा है. मान्यता है कि इन शुभ योगों में विधि-विधान से पूजा करने पर मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और वर्ष भर कार्यों में सफलता मिलती है. इसी वजह से इस बार की होली को विशेष फलदायी माना जा रहा है."
4 मार्च को देशभर में उड़ेगा रंग: महंत मुनिराज ने कहा कि, "चंद्रग्रहण के कारण 3 मार्च को रंगों की होली नहीं खेली जाएगी. 4 मार्च को पूरे देश में रंगों के साथ उत्सव मनाया जाएगा. लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाइयां देंगे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देंगे.उत्तर भारत में विशेष रूप से होली का उत्साह देखते ही बनता है."
बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व: होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. पौराणिक कथा के अनुसार भक्त प्रह्लाद की भक्ति और आस्था की जीत हुई थी, जिसकी स्मृति में होलिका दहन किया जाता है. इस दिन घरों में गुझिया, ठंडाई, मालपुए और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं. होली केवल भारत में ही नहीं, बल्कि कई अन्य देशों में भी उत्साह के साथ मनाई जाती है. ऐसे में इस साल 2 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को रंगोत्सव मनाया जाएगा.
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