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जंगलों से जल्दी हटाएं अतिक्रमण, 31 दिसंबर तक वन विभाग के कब्जे में लें भूमि- PCCF

रामपुर-ननखड़ी दौरे में PCCF के सख्त निर्देश, कचनार प्रजाति को बढ़ावा देने और क्षतिग्रस्त वृक्षों के निपटान पर भी जोर.

Encroachments in Himachal forests
HOFF एवं PCCF संजय सूद ने वन क्षेत्र का किया दौरा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 19, 2026 at 1:54 PM IST

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रामपुर बुशहर: हिमाचल प्रदेश के हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स (HOFF) एवं प्रधान मुख्य अरण्यपाल (PCCF) संजय सूद ने रामपुर वन मंडल के ननखड़ी वन परिक्षेत्र के दौरे के दौरान वन अतिक्रमणों के मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए 31 दिसंबर 2026 तक चिन्हित अतिक्रमण वाली वन भूमि का कब्जा विभाग के पक्ष में लेने के निर्देश दिए.

अधिकारियों को HOFF एवं PCCF ने दिए ये निर्देश

कोटगढ़ वन मंडल के निरीक्षण के बाद रामपुर वन मंडल पहुंचे HOFF एवं PCCF संजय सूद ने विभिन्न वानिकी गतिविधियों की समीक्षा की और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की. उन्होंने वन भूमि संरक्षण को वन विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है. दौरे के दौरान संजय सूद ने नर्सरी कार्यक्रमों में कचनार (बौहिनिया वैरिगेटा) जैसी देशी प्रजातियों को शामिल करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कचनार न सिर्फ जैव विविधता को समृद्ध करता है, बल्कि इसके औषधीय और पारिस्थितिक महत्व भी बहुत महत्वपूर्ण हैं.

सड़क किनारे गिरे और क्षतिग्रस्त पेड़ों के निपटान के निर्देश

वहीं, इस दौरान HOFF एवं PCCF संजय सूद ने मानसून के मद्देनजर सड़क किनारे गिरे और क्षतिग्रस्त पेड़ों के समयबद्ध निपटान के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. प्रधान मुख्य अरण्यपाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों से वन संरक्षण, वन भूमि सुरक्षा और सतत पर्यावरणीय प्रबंधन के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि वन विभाग को प्रदेश सरकार की पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करना चाहिए. दौरे के दौरान उन्होंने वन विभाग की विभिन्न योजनाओं, पौधारोपण कार्यक्रमों और वन संरक्षण गतिविधियों की भी समीक्षा की.

हिमाचल हाईकोर्ट ने दिए हैं ये आदेश

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं कि हिमाचल में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को हटाया जाए और इस भूमि को वन विभाग वापस अपने अधीन ले. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न जगहों पर अतिक्रमण हटाया और सरकारी भूमि को अपने अधीन लिया.

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