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कभी थी शहर की शान, अब कचरे और अव्यवस्था में दम तोड़ रही आमटी झील, सौंदर्यीकरण के दावे कागजों में सिमटे

हांसी की ऐतिहासिक आमटी झील बदहाली से जूझ रही है.स्थानीय लोगों ने सौंदर्यीकरण, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई.

Aamti Lake Hansi
हांसी आमटी झील (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : June 19, 2026 at 10:46 AM IST

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हांसी: कभी शहरवासियों के सैर-सपाटे, मनोरंजन और पर्यटन का प्रमुख केंद्र रही ऐतिहासिक आमटी झील आज प्रशासनिक लापरवाही और रखरखाव के अभाव में बदहाली का शिकार हो चुकी है. इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की पहचान रखने वाली यह झील अब गंदगी, कचरे और असामाजिक तत्वों के जमावड़े का केंद्र बनकर रह गई है. स्थानीय लोग लंबे समय से इसके सौंदर्यीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक दावे केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहे हैं.

वीरता और बलिदान से जुड़ा इतिहास: इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1038 में हांसी पर राजा श्रीपाल का शासन था. तुर्क सेना के आक्रमण के दौरान राजा की पुत्री अमृति ने आत्मसम्मान और सम्मान की रक्षा के लिए इसी जलाशय में कूदकर अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. उनकी स्मृति में इस तालाब का नाम अमृति तालाब पड़ा, जो समय के साथ आमटी झील के नाम से प्रसिद्ध हो गया. यही ऐतिहासिक महत्व आज भी इस झील को शहर की धरोहर बनाता है.

Aamti Lake Hansi
कचरे और अव्यवस्था में दम तोड़ रही आमटी झील (ETV Bharat)

कभी आकर्षण का केंद्र थी आमटी झील: जनवरी 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने झील के विकसित स्वरूप का उद्घाटन किया था. उस समय यहां आकर्षक लाइटिंग, हरियाली, बैठने के लिए बेंच और नौकायन जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं. शहर ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ यहां घूमने और समय बिताने पहुंचते थे. समय के साथ रखरखाव नहीं होने से यह रौनक धीरे-धीरे खत्म हो गई.

सौंदर्यीकरण का शिलान्यास, लेकिन काम अधूरा: मार्च 2023 में हांसी के बीजेपी विधायक विनोद भयाना ने झील के सौंदर्यीकरण और पानी निकासी नाले के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसके बाद केवल घोषणाएं हुईं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दिया. अधूरी परियोजनाओं के कारण झील की स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है.

Aamti Lake Hansi
अव्यवस्था में दम तोड़ रही आमटी झील (ETV Bharat)

गंदगी और अव्यवस्था ने बिगाड़ी तस्वीर: वर्तमान में झील परिसर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं. कई सुविधाएं टूट चुकी हैं और नियमित सफाई नहीं होने से वातावरण भी प्रभावित हो रहा है. सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने के कारण परिवारों और महिलाओं की आवाजाही लगभग बंद हो गई है. लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कभी शाम के समय चहल-पहल रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा रहता है.

सौंदर्यीकरण के दावे कागजों में सिमटे (ETV Bharat)

"ऐतिहासिक धरोहर को फिर से संवारें": इस बारे में आमटी झील संघर्ष समिति के प्रधान राजेंद्र यादव ने कहा कि, "आमटी झील शहर की ऐतिहासिक धरोहर है. इसका जल्द सौंदर्यीकरण कराया जाए, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और इसे दोबारा पर्यटन एवं मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि लोग पहले की तरह यहां आ सकें."

संस्था सचिव ने उठाए सफाई और सुरक्षा के मुद्दे: वहीं, संस्था के सचिव शिव कुमार ने कहा कि, "झील में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है. जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर लगे हैं. परिसर नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है. प्रशासन नियमित सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर की पहचान दोबारा कायम हो सके."

स्थानीय नागरिक ने जताई चिंता: झील के हालात पर स्थानीय नागरिक कृष्ण कुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि, "आमटी झील अब नशेड़ियों और आवारा तत्वों का अड्डा बनती जा रही है. दिन के समय भी लोग यहां रुकने से बचते हैं. सुरक्षा और साफ-सफाई की कमी के कारण परिवारों और महिलाओं का यहां आना लगभग बंद हो गया है."

नगर परिषद ने कार्रवाई का दिया भरोसा: नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी ने कहा कि, "नगर परिषद की ओर से झील का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा. आमटी झील को दोबारा स्वच्छ और आकर्षक बनाने के लिए जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी."

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