गजब! भैंस का शाही अंदाज में स्वागत, डीजे की धुन पर नाचे लोग, रोजाना देती है 30 किलो दूध
नारनौल में सरपंच ने 11 लाख की भैंस खरीदी. जोकि हर दिन 30 किलो दूध देती है. भैंस का गांव में डीजे से स्वागत हुआ.

Published : January 5, 2026 at 10:38 AM IST
|Updated : January 5, 2026 at 11:57 AM IST
हिसार: जिले के नारनौल के नांगल चौधरी क्षेत्र के गांव शहबाजपुर में उस समय हर कोई हैरान रह गया, जब गांव के सरपंच विक्रम सिंह 11 लाख रुपये की भैंस लेकर गांव पहुंचे. भैंस की गांव में एंट्री होते ही डीजे बजने लगे. लोगों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ भैंस का ऐसा भव्य स्वागत किया, जैसे किसी बड़ी हस्ती की एंट्री हो रही हो. इस नजारे को देखने के लिए अन्य ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी.
11 लाख कीमत, रोजाना 30 किलो देती है दूध: सरपंच विक्रम सिंह ने बताया कि, "यह खास नस्ल की भैंस है, रोजाना करीब 30 किलो दूध देती है. इसी बेहतरीन दूध उत्पादन क्षमता के कारण इसकी कीमत 11 लाख रुपये है. हमने यह भैंस राजस्थान के गंगानगर से खरीदी. नांगल चौधरी की नई अनाज मंडी में पहुंचते ही इसका फूल-मालाओं से स्वागत किया गया."
डीजे जुलूस में निकली भैंस, कस्बे में चर्चा: भैंस के स्वागत के बाद सरपंच विक्रम ने डीजे के साथ नांगल चौधरी कस्बे में जुलूस भी निकाला. डीजे पर गाने बजते रहे और भैंस कस्बे के विभिन्न मार्गों से होती हुई गांव शहबाजपुर पहुंची. इस जुलूस में ग्रामीणों के साथ-साथ सरपंच के समर्थक भी शामिल हुए. यह नजारा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया.

सोशल मीडिया पर छाया वीडियो: भैंस के डीजे जुलूस और स्वागत के वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. सरपंच विक्रम को न केवल पशुपालन का शौक है, बल्कि वे सोशल मीडिया पर रील बनाने के भी शौकीन हैं. वे अक्सर अपनी डेयरी और भैंसों के दूध दुहने के वीडियो पोस्ट करते रहते हैं, जिन्हें लोग खूब पसंद कर रहे हैं.
22 साल की उम्र में बने सरपंच: सरपंच विक्रम सिंह गांव शहबाजपुर के सबसे कम उम्र में बनने वाले सरपंच हैं. साल 2000 में जन्मे विक्रम जब सरपंच बने, तब उनकी उम्र मात्र 22 साल थी. वर्तमान में वे 25 वर्ष के हैं और गांव में “सरपंच डेयरी” के नाम से अपनी डेयरी चला रहे हैं.
डेयरी में 10 से ज्यादा उन्नत नस्ल की भैंसें: सरपंच विक्रम की डेयरी में 10 से अधिक उन्नत नस्ल की भैंसें हैं, जिनके दूध का व्यवसाय वो करते हैं. पशुपालन को सम्मान देने और भैंस के भव्य स्वागत को लेकर क्षेत्र के कई लोगों ने उनकी सराहना की है. यह अनोखा आयोजन अब पूरे इलाके में चर्चा में बना हुआ है.

