हिसार जीवन हत्याकांड: 15 दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार, 11 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी शव देख हुई बेहोश, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
हिसार में जीवन कुंडू का 15वें दिन अंतिम संस्कार हुआ. जीवन को 11 वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी. वहीं, मामले में मुख्य आरोपी फरार है.

Published : August 18, 2026 at 4:15 PM IST
|Updated : August 18, 2026 at 4:55 PM IST
हिसार: हिसार के गांव किनाला निवासी जीवन कुंडू का हत्या के 15वें दिन मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया. सुबह अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से उनका शव पैतृक गांव लाया गया. शव घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया. पत्नी रमन शव देखते ही बेहोश हो गईं. पड़ोस की महिलाओं ने उन्हें संभाला. इसके बाद अंतिम यात्रा गांव के श्मशान घाट पहुंची, जहां जीवन के 11 वर्षीय बेटे रिशु ने मुखाग्नि दी.
बहन की चीखों से गमगीन हुआ माहौल: परिजनों ने बताया कि जीवन का शव घर पहुंचते ही पत्नी रमन अपने पति को देखकर बेसुध हो गईं. वहीं, जीवन की बहन अंतिम दर्शन के दौरान बार-बार बिलखते हुए कहती रहीं, "भाई आजा... ओ भाई आजा." परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था. घर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे.
11 वर्षीय बेटे ने निभाई अंतिम रस्म: जीवन कुंडू के परिवार में माता-पिता, पत्नी, बहन और 11 वर्षीय बेटा रिशु है. अंतिम संस्कार की सबसे कठिन रस्म बेटे रिशु ने निभाई. पिता को मुखाग्नि देते समय वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. गांव के सैकड़ों लोग जीवन को अंतिम विदाई देने श्मशान घाट पहुंचे.

खाप प्रतिनिधि और किसान नेताओं ने दी श्रद्धांजलि: अंतिम संस्कार में खाप पंचायतों के प्रतिनिधि, किसान नेता और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता भी पहुंचे. पूर्व मंत्री छत्रपाल, पूर्व मंत्री अनूप धानक, भाजपा नेता सुरेंद्र पूनिया समेत कई नेताओं ने जीवन को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग दोहराई.
मांगें माने जाने के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए हुआ राजी: जीवन की हत्या के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जीवन कुंडू संघर्ष समिति का गठन किया गया था. समिति और परिवार की ओर से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और मुख्य आरोपी रमेश की गिरफ्तारी की मांग उठाई जा रही थी. परिवार ने मांगें पूरी होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया था. सोमवार को सरकार की ओर से परिवार की मांगें मानने के बाद अंतिम संस्कार का रास्ता साफ हुआ.
15 अगस्त की हिंसा के बाद गिरफ्तार किसान नेता हुए रिहा: मांगों को लेकर आंदोलन के दौरान 15 अगस्त को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के विरोध के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था. पुलिस ने कई किसान नेताओं को गिरफ्तार किया था. सोमवार को गुरुग्राम की भोंडसी जेल से गिरफ्तार 10 किसान नेताओं की रिहाई के बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ.
4 अगस्त को हुई थी जीवन की हत्या: जीवन कुंडू की 4 अगस्त को हिसार में लाठियों से पीटकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस के अनुसार, गोबर डालने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था. इसके बाद विवाद बढ़ गया और जीवन पर हमला किया गया. घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. मामले में सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी, जिसमें कुछ आरोपी मौके से भागते दिखाई दिए.
9 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी रमेश अब भी फरार: पुलिस के अनुसार मामले में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी रमेश अभी फरार है. उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. एसपी सिद्धार्थ जैन के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें गठित की गई हैं. टीमें हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.
परिवार को अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार: जीवन का अंतिम संस्कार होने के बाद परिवार और ग्रामीणों की निगाह अब मुख्य आरोपी रमेश की गिरफ्तारी पर है. पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश जारी है और विभिन्न स्थानों पर टीमें दबिश दे रही हैं. 15 दिन तक चले संघर्ष के बाद जीवन को अंतिम विदाई तो दे दी गई, लेकिन परिवार के लिए न्याय की मांग अभी बाकी है.

