हिसार एयरपोर्ट 24 घंटे फ्लाइट संचालन के लिए तैयार, अब रात में भी होंगी उड़ानें, आईएफआर मंजूरी मिली
हिसार एयरपोर्ट को आईएफआर मंजूरी मिल चुकी है. अब यहां रात में भी फ्लाइट्स लेंडिंग कर सकती है और उड़ान भर सकती है.

Published : February 25, 2026 at 3:43 PM IST
हिसार: हिसार एयरपोर्ट पर अब रात के समय हवाई जहाज उतर सकते हैं और उड़ानें भर सकती हैं. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरपोर्ट को इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (आईएफआर) के तहत संचालन की मंजूरी दे दी है. यह कदम हिसार एयरपोर्ट को 24 घंटे संचालन योग्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.
इंटरनेशनल हब बनने की तैयारी: एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बताया कि महाराजा अग्रसेन हिसार एयरपोर्ट को अगले साल तक अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में विकसित किया जाएगा. इससे यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों का संचालन सुगमता से किया जा सकेगा.

1200 मीटर दृश्यता में उड़ान संभव: आईएफआर तकनीक के लागू होने के बाद खराब मौसम या कम दृश्यता में भी उड़ानों का संचालन संभव होगा. वीएफआर तकनीक में न्यूनतम 5 हजार मीटर की दृश्यता आवश्यक होती थी, जबकि आईएफआर से यह सीमा घटकर 1200 मीटर हो गई है. इससे नाइट लैंडिंग और मौसम की अनिश्चितताओं के बावजूद हवाई सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा.
नई उड़ानें जल्द शुरू होने की संभावना: हिसार एयरपोर्ट से जल्द अहमदाबाद और जम्मू की उड़ानों की शुरुआत हो सकती है. वर्तमान में यहां से चंडीगढ़, जयपुर, अयोध्या और दिल्ली के लिए नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं. 12 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार से जयपुर उड़ान सेवा का शुभारंभ भी किया.
दूसरी हवाई पट्टी का निर्माण योजना: एयरपोर्ट का विकास लगातार जारी है. तीसरे चरण के काम के तहत 2027-28 तक दूसरी हवाई पट्टी बनाई जाएगी. इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नागरिक उड्डयन विभाग हरियाणा से अतिरिक्त जमीन भी मांगी है. नई पट्टी के निर्माण से हवाई यातायात और अधिक सुगम और सुरक्षित होगा.
डीजीसीए निरीक्षण और मंजूरी प्रक्रिया: 6-7 नवंबर 2025 को डीजीसीए की टीम ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया और कुछ आपत्तियां दर्ज की थीं. इसके बाद एएआई ने नागरिक उड्डयन विभाग हरियाणा के साथ समन्वय कर सभी आपत्तियां दूर कीं. रिपोर्ट की समीक्षा के बाद डीजीसीए ने आईएफआर लाइसेंस प्रदान किया.
आईएफआर और वीएफआर में अंतर: आईएफआर तकनीक एयर ट्रैफिक कंट्रोल के अधिक नियंत्रण में उड़ान की सुविधा देती है और कम दृश्यता में भी उड़ानों का संचालन संभव बनाती है. इसके विपरीत, वीएफआर तकनीक केवल स्पष्ट मौसम और आंखों से देखने योग्य दृश्यता में ही कमर्शियल फ्लाइट संचालन के लिए उपयोगी होती है.

