Special : हर दिन बोले जाने वाले नए अंग्रेजी शब्दों के हिंदी अर्थ बनाने की कवायद, तैयार हो रही नई शब्दावली
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक तकनीकी शब्दावली आयोग ने दिया जेएनवीयू जोधपुर को 176 अंग्रेजी शब्दों के हिंदीकरण का काम.

Published : February 24, 2026 at 7:18 PM IST
जोधपुर: डीपफेक, मिशन ड्रिवन गवर्नेंस, साइबर सिक्योरिटी, व्हीसल ब्लोअर जैसे शब्द हमारे इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं. इनका हिंदी में आशय भी समझ लेते हैं, लेकिन इनको हिंदी में कहा क्या जाय, यह किसी को पता नहीं है. जबकि यह शब्द सरकारी व्यवस्था में भी शामिल हो गए हैं. अब ऐसे शब्दों के हिंदी अर्थ बनाने की कवायद शुरू हो गई है. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक तकनीकी शब्दावली आयोग ने जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के अंबेडकर अध्ययन केंद्र को यह काम सौंपा है.
इसको लेकर आयोग के सदस्यों की एक बैठक हो चुकी है. विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स द्वारा सुझाए गए 176 ऐसे शब्दों के हिंदी अर्थ पता करने के लिए आयोग ने स्वीकृति दे दी है. अप्रैल में आयोग का जेएनवीयू में दौरा होगा, जिसमें यहां शब्दों के हिंदी अर्थों पर मंथन होगा. माना जा रहा है कि 2026 दिसंबर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा. जिसके बाद इन शब्दों के हिंदी अर्थों को लोक प्रशासन में समावेश कर दिया जाएगा.
अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ. दिनेश गहलोत बताते हैं कि एआई और डिजिटल दौर में गिग वर्कर, कॉलेबोरेटिव गवर्नेंस, साइबर सिक्योरिटी, होलोक्रेसी, स्मार्ट गवर्नेंस से लेकर सेक्सटॉर्शन जैसे आधुनिक शब्द खूब काम में आते हैं, लेकिन इनका अर्थ किसी को पता नहीं होता है. ऐसे 176 शब्द प्रशासनिक विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इनका अभी कोई हिंदी अर्थ तय नहीं है. आयोग ने हमें यह काम दिया है. इनका उपयोग सरकारी कामों के साथ-साथ, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए होगा.
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हिंदी माध्यम के छात्रों को होगा फायदा : डॉ. गहलोत ने बताया कि इस तरह के शब्दों को यूं का यूं हिंदी में लिखने लगे हैं. खास तौर से हिंदी माध्यम के विद्यार्थी जिनको इसका शाब्दिक अर्थ पता नहीं है, वह इनका उपयोग करता है. दूसरी ओर अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी जो इनसे परिचित हैं, पूरा अर्थ समझते हैं तो उसे उस तरीके से लिखते हैं. ऐसी स्थिति में अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी हमेशा हिंदी वालों से ऊपर होते हैं. इनका अर्थ जानकर जब हिंदी माध्यम का विद्यार्थी उपयोग करेगा तो वह आगे रह सकेंगे.
शब्द जिनके तलाशे जा रहे हिंदी अर्थ : जेएनवीयू में 176 शब्दों पर काम चल रहा है. इनमें ज्यादातर वह शब्द हैं जो रोज काम आ रहे हैं, जैसे ई-गवर्नेंस, डिजिटल मॉनिटरिंग,

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1995 के बाद कवायद : भारत में 1995 में लोक प्रशासन की नई शब्दावली जारी की गई थी. अब इसको 30 साल हो गए हैं. इन तीन दशकों में दोबारा शब्दावली जारी नहीं हुई हैं. अब इसको लेकर कवायद शुरू हुई है. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के प्रोफेसर्स को जब यह काम मिला तो उन्होंने 176 शब्द जो अंग्रेजी में बोले जा रहे हैं और उनका उपयोग लगातार हो रहा है, जिन्हें आयोग ने स्वीकृति देकर इनके हिंदी वर्जन पर काम की अनुमति दी है.
ऐसे ढूंढे जा रहे अर्थ : डॉ. गहलोत ने बताया कि एक शब्द है हॉर्स ट्रेडिंग, जिसका मतलब होता है अस्तबल में होने वाली घोड़ों की खरीद, लेकिन इसका उपयोग हम कहां कर रहे हैं. उससे जुड़ा रूपांतरण तय करना है. जब यह शब्द आता है तो हर कोई समझता है कि राजनीतिक लोगों की खरीद-फरोख्त है. इसके लिए चर्चा हुई तो अंतत: यह तय हुआ कि यह एक तरह की सौदेबाजी है, लेकिन उसमें धूर्तता होती है. हॉर्स ट्रेडिंग का अर्थ धूर्ततापूर्ण सौदेबाजी शब्द उपयुक्त है.

