क्या हिमाचल में जाते साल होगी बारिश-बर्फबारी? मौसम विभाग ने दी अपडेट
हिमाचल में करीब दो महीने से ड्राई स्पेल जारी है. बारिश-बर्फबारी न होने से फसलें बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 24, 2025 at 9:33 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में 21 दिसंबर को ऊंचाई वाले इलाकों में हुई हल्की बर्फबारी के बाद मौसम साफ बना हुआ है. प्रदेश में करीब दो महीनों से ड्राई स्पेल चल रहा है. प्रदेश में बारिश और बर्फबारी न होने से मौसम शुष्क बना हुआ है. जिससे किसान-बागवान खासे निराश हैं. ऊंचाई वाले इलाकों दो-तीन स्थानों पर हल्की बर्फबारी हुई है, लेकिन मध्य पर्वतीय और निचले व मैदानी इलाकों में अभी भी सूखे की स्थिति बनी हुई है.
कब होगी बारिश-बर्फबारी?
मौसम विभाग ने हिमाचल में साल के अंतिम दिनों में मौसम के मिजाज बदलने की संभावना जताई है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल प्रदेश में 28 और 29 दिसंबर को बारिश और बर्फबारी होने को लेकर पूर्वानुमान लगाया है. मौसम विभाग के मुताबिक 28 और 29 दिसंबर को ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार हैं. हालांकि मध्य पर्वतीय इलाकों और निचले व मैदानी इलाकों में मौसम साफ बना रहेगा. ऐसे में इन इलाकों के लोगों को बारिश और बर्फबारी के लिए अभी और इंतजार करना होगा.
घने कोहरे का अलर्ट
वहीं, 24 से 27 दिसंबर तक घने कोहरे को लेकर भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. प्रदेश में बिलासपुर जिले और मंडी जिले में ठंड के साथ घनी धुंध का कहर भी जारी है. बिलासपुर जिले में भाखड़ा बांध के जलाशय के आसपास के क्षेत्रों में और मंडी जिले की बल्ह घाटी में सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाया रहेगा. जिससे आम जनजीवन तो प्रभावित होगा ही, लेकिन वाहन चालकों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में गाड़ी चलाते समय वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.
कृषि-बागवानी पर असर
गौरतलब है कि प्री मानसून के बाद सिर्फ अक्टूबर में ही बारिश-बर्फबारी हुई है, लेकिन नवंबर महीने में बारिश-बर्फबारी नहीं हुई. दिसंबर महीने में भी ड्राई स्पेल जारी है. ऐसे में किसानों- बागवानों की दिक्कतें बढ़ रही है. किसान बारिश न होने के चलते गेहूं और मटर जैसी रबी फसलों की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं है. जिन इलाकों में बिना बारिश के फसल की बिजाई कर दी गई है, वहां भी फसल बर्बाद होती नजर आ रही है. खासकर उन किसानों की फसलें, जिनके पास सिंचाई के साधन नहीं है. वहीं, बर्फबारी न होने के चलते बागवानी और पर्यटन कारोबार भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं.

