Weather Update: जानिए आज आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम, मानसून सीजन में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल में अब मानसून की रफ्तार धीमी हो रही है. हालांकि, प्रदेश में अभी बारिश का दौर जारी रहेगा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 24, 2026 at 8:03 AM IST
शिमला/मंडी: हिमाचल में मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है. 24 से 29 अगस्त तक प्रदेश में बारिश में कमी आने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और एक-दो जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज (रविवार, 24 अगस्त) प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है. प्रदेश के बाकी जिलों में मौसम में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है.
हिमाचल में मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 24, 28 और 29 अगस्त 2026 को प्रदेश के कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. सप्ताह के बाकी दिनों में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हल्की बारिश होने के आसार हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, आज मैदानी/निचले पर्वतीय क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. मध्य पर्वतीय क्षेत्र में भी कुछ स्थानों पर पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जबकि उच्च पर्वतीय क्षेत्र में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है.

हिमाचल में मानसून का कहर!
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून को मानसून सीजन शुरू होने के बाद से प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 94 लोगों की मौत हो चुकी है. मानसून सीजन में प्रदेश को अब तक 1,137 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. मूसलाधार बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं की वजह से प्रदेश में 125 सड़कें बंद हैं. मंडी जिले में सबसे अधिक 62 सड़कें बाधित हैं. इसके अलावा कुल्लू में 31, शिमला में 10, चंबा और कांगड़ा जिले में 8-8, ऊना जिले में 4 और बिलासपुर और लाहौल-स्पीति जिले में 1-1 में सड़कें बाधित हुई हैं. मानसून सीजन में भारी बारिश के कारण 33 ट्रांसफॉर्मर और 20 पेयजल योजनाएं भी बाधित हुई हैं.
कहां कितनी बारिश?
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 1 से 23 अगस्त के बीच राज्य में 185.3 MM बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 207.7 MM होती है, ऐसे में इस दौरान सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से भारी बारिश हुई है. मंडी जिले में सबसे अधिक 124.4 MM बारिश हुई है. इसके अलावा कांगड़ा में 115.8 MM, मंडी के सुंदरनगर में 74.3 MM, धर्मशाला में 69.4 MM, पालमपुर में 46.4 MM, सिरमौर के पांवटा साहिब में 46.2 MM, नाहन में 37.7 MM और सराहन में 25.1 MM बारिश दर्ज की गई है.
हिमाचल में न्यूनतम और अधिकतम तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुई है. रविवार, 23 अगस्त को न्यूनतम तापमान सबसे कम प्रदेश के कुकुमसेरी में 10.5 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा ऊना में 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अगले-4-5 दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है. इसके बाद, अगले 4-5 दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है.
मंडी-पठानकोट NH-154 पर डंगा धंसने से यातायात बाधित
मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर पधर के चामड़ा मोड़ के पास डंगा धंसने से यातायात प्रभावित हो गया है. डंगा धंसने के कारण हाईवे पर बड़े वाहनों की आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो. यातायात बाधित होने से मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) की मशीनरी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और मार्ग को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया.

बड़े वाहनों की आवाजाही बंद
छोटे वाहनों की आवाजाही को भी सड़क की स्थिति के अनुसार नियंत्रित किया जा रहा है. मार्ग प्रभावित होने के कारण मंडी-पठानकोट हाईवे से सफर करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. खासकर बड़े वाहन चालकों को परेशानी बढ़ गई है. हाईवे पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए PWD कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं और मशीनरी की मदद से धंसे हुए हिस्से को ठीक करने और सड़क को सुरक्षित बनाने का कार्य किया जा रहा है.

यातायात बहाल करने में जुटी मशीनरी
चामड़ा मोड़ के पास डंगा धंसने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. मौके पर मशीनरी भेजकर मार्ग को बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया गया है. विभाग की ओर से जल्द से जल्द यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं. साथ ही वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे मौके पर तैनात कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें और सड़क की स्थिति सामान्य होने तक सावधानीपूर्वक सफर करें. विभाग की प्राथमिकता फिलहाल सड़क को सुरक्षित तरीके से बहाल करना है, ताकि वाहनों की आवाजाही दोबारा सुचारू हो सके. मार्ग बहाली के बाद ही बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह शुरू की जाएगी. -सुरजीत सिंह, उपमंडल अधिकारी पधर
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