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हिमाचल में यहां बूंद-बूंद को तरस रहे लोग, सालों से पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण

हालांकि यहां ओवरहेड टैंक बना हुा है, लेकिन 10 साल बाद भी लोगों को इसकी कोई सुविधा नहीं मिली है.

Hamirpur drinking water crisis
हमीरपुर में पेयजल संकट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : May 17, 2026 at 4:55 PM IST

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Updated : May 17, 2026 at 5:50 PM IST

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हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश में एक ओर जहां सरकार हर घर नल हर घर जल का दावा करती है, वहीं आज भी प्रदेश में कई ऐसे इलाके हैं, जहां लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं. इन जगहों पर सरकार के दावों और असल हकीकत के बीच जमीन-आसमान का अंतर नजर आता है. ऐसा ही कुछ हाल हमीरपुर जिले में नगर निगम हमीरपुर के तहत आने वाले वार्ड नंबर-1 के विश्वकर्मा चौक और आसपास के क्षेत्रों का है. यहां के लोग लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. लंबे समय से लोग पानी के इस संकट के समाधान की मांग कर रहे हैं.

गर्मियों के मौसम के साथ बढ़ रही दिक्कतें

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं, बल्कि सालों पुरानी है, लेकिन अभी तक संबंधित विभाग की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. लोगों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मियों का मौसम बढ़ रहा है, पानी की किल्लत और भी गंभीर होती जा रही है, जिससे लोगों की परेशानी अब खुलकर सामने आने लगी है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग को अपनी समस्या से अवगत करवाया है. हर बार उन्हें आश्वासन तो मिलता है, लेकिन धरातल पर कोई बदलाव नजर नहीं आता. अब लोगों का सब्र जवाब दे रहा है और वे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे हैं.

हमीरपुर में पानी की किल्लत से परेशान लोग (ETV Bharat)

"वार्ड नंबर-1 में पिछले 15 से 20 सालों से पानी की समस्या बनी हुई है. हम लोग कई बार विभाग के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है. इससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है." - रंगीला, स्थानीय युवक

ओवरहेड टैंक की नहीं मिल रही सुविधा

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब समस्या कई सालों से बनी हुई है, तो आखिर इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है. क्षेत्र के लोगों ने बताया कि यहां एक ओवरहेड पानी का टैंक भी बनाया गया है, जिससे क्षेत्र को राहत मिल सकती थी, लेकिन करीब 10 साल बीत जाने के बाद भी इस टैंक की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है. यह स्थिति विभागीय लापरवाही को उजागर करती है. लोगों का कहना है कि अगर इस टैंक को चालू कर दिया जाए, तो पेयजल संकट काफी हद तक दूर हो सकता है. क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान सुनिश्चित करेगा, ताकि उन्हें सालों से चल रही इस परेशानी से राहत मिल सके.

"वार्ड-1 के क्षेत्र में ओवरडेट टैंक का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन उसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा. करीब 10 साल से यह टैंक बंद पड़ा है, जो बेहद चिंता का विषय है. अगर इसे शुरू कर दिया जाए, तो क्षेत्र की बड़ी आबादी को राहत मिल सकती है." - जय प्रकाश चौहान, स्थानीय निवासी

Hamirpur drinking water crisis
पानी की कमी से जूझ रहे लोग (ETV Bharat)

वैकल्पिक साधनों का लेना पड़ता है सहारा

वहीं, स्थानीय निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि पानी का प्रेशर इतना कम है कि पानी सड़क से एक फीट ऊपर तक भी नहीं चढ़ पाता. उन्होंने बताया कि उनके घर में करीब 20 साल पहले नल कनेक्शन लिया गया था, लेकिन आज तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. इससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और कई बार पानी के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए. उनका कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है.

"क्षेत्र में पेयजल समस्या की शिकायत उनके संज्ञान में आई है. इसको लेकर जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं. गर्मियों का मौसम होने के चलते पानी की मांग बढ़ जाती है, इसलिए विभाग प्राथमिकता के आधार पर समस्या का जल्द समाधान करने का प्रयास करेगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके." - राकेश गर्ग, अधिशासी अभियंता

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Last Updated : May 17, 2026 at 5:50 PM IST