हिमाचल में रिवर राफ्टिंग रोमांच के बीच गर्मी से राहत, सैलानियों की पसंद बनी ये जगहें
जून की गर्मी से परेशान होकर पहाड़ों में पहुंच रहे सैलानी, मनाली में वीकेंड पर बढ़ रही पर्यटकों की तादाद.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 20, 2026 at 5:40 PM IST
कुल्लू: भारत के मैदानी इलाकों में पड़ रही भयंकर गर्मी से पहाड़ों में इन दिनों पर्यटन खिल उठा है. सैलानी गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे हैं और बड़ी संख्या में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे हैं. इन पर्यटन स्थलों में वीकेंड पर सैलानियों की संख्या भी तीन गुना ज्यादा बढ़ रही है. मैदानों की भीषण गर्मी से परेशान सैलानी जून में ठंड का मजा लेने के लिए पहाड़ों की ओर आ रहे हैं.
वीकेंड पर बढ़ी पर्यटकों की संख्या
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली की बात करें तो यहां पर जहां सामान्य दिनों में बाहरी राज्यों से आने वाले टूरिस्ट व्हीकल की संख्या करीब 3000 रहती है. वहीं, वीकेंड पर यह संख्या करीब 4000 से 5000 के बीच पहुंच रही है. ऐसे में पर्यटन नगरी मनाली में इन दिनों होटल भी पैक चल रहे हैं और सैलानी भी मनाली के साथ-साथ लाहौल की वादियों में घूमने का मजा ले रहे हैं.
सैलानियों को पसंद आ रही ये जगह
जिला कुल्लू की पर्यटन मनाली आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद अकसर रोहतांग दर्रा रहता है. हर रोज हजारों पर्यटक रोहतांग पास जा रहे हैं. वहीं, अब लाहौल-स्पीति की ठंडी वादियां पर्यटकों को भा गई हैं. अटल टनल बनने के बाद लाहौल में पर्यटन गतिविधियां बढ़ी हैं. वहीं, मनाली आने वाले सैलानियों को अब बारालाचा और शिंकुला पास भी काफी पसंद आ रहे हैं.

"छत्तीसगढ़ और कुल्लू मनाली के तापमान में दिन-रात का अंतर है. वहां पर 45 डिग्री से ज्याद गर्मी पड़ रही है, लेकिन यहां पर हमें शाम के समय माइनस तापमान के बीच घूमने का मौका मिल रहा है. हमने मनाली के साथ-साथ लाहौल घाटी का भी दौरा किया और वहां का नजारा देखकर हम काफी खुश हैं." - वंदना अग्रवाल, सैलानी, रायपुर (छत्तीसगढ़)
जून की गर्मी में बर्फबारी का मजा
इसके अलावा लाहौल घाटी के चंद्रताल और दीपकताल में भी हर रोज पर्यटकों का मेला लग रहा है. सिस्सू और कोकसर में भी पर्यटक जमकर मस्ती करने पहुंच रहे हैं. रोहतांग दर्रा के साथ-साथ शिंकुला पास और बारालाचा में सैलानियों को जून महीने में भी आसमान से गिरती हुई बर्फ देखने का नजारा मिल रहा है और यहां पर तापमान सुबह और शाम के समय माइनस डिग्री में जा रहा है. ऐसे में इस माहौल में पहुंचकर सैलानी स्वर्ग जैसी अनुभूति कर रहे हैं.

ब्यास नदी में लग रहा सैलानियों का मेला
जिला कुल्लू की अगर बात करें तो यहां पर ब्यास नदी के किनारे भी सैलानियों का मेला लगा हुआ है. बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानी ब्यास नदी की ठंडी धारा में रिवर राफ्टिंग का भी मजा ले रहे हैं. जिला कुल्लू के रामशिला, बबेली, रायसन, पी, भुंतर में कई रिवर राफ्टिंग पॉइंट बने हुए हैं. ऐसे में रिवर राफ्टिंग के कारोबार से कुल्लू में करीब 5 हजार से ज्यादा युवा जुड़े हुए हैं. जून महीने में सैलानियों की बढ़ती संख्या के चलते ब्यास नदी में राफ्ट की संख्या भी बढ़ रही है और सैलानियों के आने से स्थानीय पर्यटन कारोबारी को भी इसका खूब फायदा मिल रहा है.
"राजस्थान की गर्मी के बारे में पूरे भारत को जानकारी है. ऐसे में मैं अपने दोस्तों के साथ कुल्लू-मनाली घूमने आया हूं. कुल्लू मनाली, मणिकर्ण, लाहौल में तापमान काफी कम है. वहीं, ब्यास नदी की ठंडी धारा में रिवर राफ्टिंग करना भी उनके लिए काफी रोमांचकारी रहा." - मोहित जैन, सैलानी, जयपुर (राजस्थान)
सैलानियों ने लिया रिवर राफ्टिंग का रोमांच
पंजाब से घूमने आई सैलानी काजल का कहना हैं कि वह कुल्लू मनाली घूमने आई है और यहां पर उन्होंने राफ्टिंग का भी मजा लिया है. पंजाब में गर्मी 40 से 45 डिग्री तक पड़ रही है, लेकिन यहां पर मौसम काफी ठंडा है. लाहौल के बारालाचा पास में उन्हें माइनस तापमान के बीच भी मस्ती करने का मौका मिला. वहीं, लुधियाना से आई सैलानी प्राची का कहना है कि रिवर राफ्टिंग का एक्सपीरियंस उनके लिए काफी मजेदार रहा है. ब्यास नदी की तेज धारा के बीच रिवर राफ्टिंग करना सभी को रोमांचित करता है. ऐसे में पंजाब की गर्मी से उन्हें कुल्लू मनाली और लाहौल की वादियों में काफी राहत मिली है. यहां पर प्रकृति काफी सुंदर है और यहां का तापमान भी सैलानियों को काफी पसंद आ रहा है.

"कुल्लू में आकर हम कई पर्यटन स्थलों पर गए और यहां पर रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का भी मजा लिया. सभी लोगों को चाहिए कि वो मैदानी इलाकों की गर्मी से बचने के लिए कुल्लू-मनाली का रुख जरूर करें." - दीपक सैनी, सैलानी, जयपुर (राजस्थान)

