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हिमाचल बनेगा ईको और लग्जरी टूरिज्म का ग्लोबल हब, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के तौर पर मिलेगी पहचान

हिमाचल में पर्यटन को नई उड़ान मिल रहा है. पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं जुटाई जा रही है.

सुक्खू सरकार का पर्यटन पर जोर
सुक्खू सरकार का पर्यटन पर जोर (DIPR)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 21, 2026 at 9:04 PM IST

3 Min Read
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शिमला: बर्फ से ढकी चोटियां, हरी-भरी वादियां, कल-कल बहती नदियां और आध्यात्मिक आस्था से सराबोर देवभूमि हिमाचल प्रदेश अब पर्यटन के क्षेत्र में एक नए युग की ओर कदम बढ़ा रहा है. प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों से हिमाचल पारंपरिक पर्यटन तक सीमित नहीं रह गया है, अब छोटा पहाड़ी राज्य साहसिक, लग्ज़री, ईको, सीमावर्ती और एस्ट्रो-टूरिज्म जैसे नए आयामों को आत्मसात करते हुए देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है.

पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की दिशा में सरकार द्वारा उठाए जा रहे सशक्त कदमों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं. हर मौसम में देशी और विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहने वाला हिमाचल अब नई पर्यटन परियोजनाओं, विश्वस्तरीय सुविधाओं और आधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है. धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध यह पर्वतीय राज्य अब रोमांच और अनुभव आधारित पर्यटन का भी पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है.

नई इको टूरिज्म नीति

गोविंद सागर झील में पहली बार क्रूज, शिकारा, हाउस बोट, जेट स्की और वॉटर स्कूटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं की शुरुआत हो या हरनौड़ा से तत्तापानी तक 30 किलोमीटर लंबे क्रूज मार्ग के विकास की महत्वाकांक्षी योजना प्रदेश सरकार पर्यटन को नए स्वरूप में ढालने के लिए निरंतर प्रयासरत है. वहीं, एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप और पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों ने हिमाचल को साहसिक खेलों के वैश्विक मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित किया है.

राज्य की नई ईको-टूरिज्म नीति ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है. जबकि सीमावर्ती क्षेत्र शिपकी ला में पर्यटन गतिविधियों की शुरुआत और लाहौल-स्पीति के काजा में स्टार गेजिंग सुविधा का शुभारंभ हिमाचल को पर्यटन के अभिनव प्रयोगों का अग्रणी प्रदेश बना रहा है.

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के तौर पर मिलेगी पहचान

जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित कर यहां महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को गति दी जा रही है. वहीं, हवाई और हेली कनेक्टिविटी के विस्तार से पर्यटन विकास को नई ऊर्जा मिल रही है. राजधानी शिमला में भी पर्यटकों की बढ़ती आमद को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं.

आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय सहभागिता के संतुलित मॉडल के साथ हिमाचल पर्यटन विकास की राह पर है, जो आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने के साथ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अनगिनत अवसर भी लेकर आएगी. पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई नवोन्मेषी पहलें निश्चित रूप से हिमाचल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

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