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शिमला में खूब उड़े रंग-गुलाल, एक दिन पहले ही कॉलेज-स्कूल के छात्रों ने जमकर खेली होली

शिमला के रिज मे एक दिन पहले ही छात्र-छात्राओं पर चढ़ा होली का रंग.

शिमला में जमकर उड़े रंग-गुलाल
शिमला में जमकर उड़े रंग-गुलाल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : March 3, 2026 at 5:36 PM IST

4 Min Read
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शिमला: राजधानी शिमला में कॉलेज और स्कूल के छात्र-छात्राओं ने जमकर होली के रंग बिखेरे. रिज मैदान पर बुधवार को होली की छुटी होने पर विद्यार्थियों ने एक दिन पहले ही एक-दूसरे को गुलाल लगा होली की बधाई दी. रिज मैदान पर पर्यटक जो की बाहरी राज्य से आए थे, उन्होंने भी होली का रंग एक दूसरे को लगाकर होली मनाई. शहर के अन्य हिस्सों में भी लोगों ने एक दिन पहले ही होली का रंग खूब उड़ाया. शहर के स्कूल आज खुले हुए थे स्कूलों में छात्रों ने भी एक दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दी और होली पर्व सभी के लिए अच्छा रहे यही कामना की.

वही, कॉलेज की छात्रा एलिश ने कहा, 'होली बसंत ऋतु में मनाया जाने वाला त्योहार है. होली या होलिका देश के प्रमुख उत्सवों में से एक है. यह आनंद एवं उल्लास का रंग भरा उत्सव है. रंगों का त्योहार कहा जाने वाला यह पर्व पारंपरिक रूप से दो दिन मनाया जाता है. पहले दिन होलिका जलाई जाती है, जिसे होलिका दहन भी कहते हैं. दूसरे दिन रंगों से होली खेली जाती है'.

कई दफ्तर में भी कर्मचारियों ने एक दूसरे को रंग लगाए और होली की शुभकामनाएं दी होली के दिन छुट्टी का रहता है. इसलिए लोग आपस में घुल मिलकर एक दूसरे को रंग लगाते है. लेकिन जो होली पर नहीं मिल पाते, उन्होने एक दिन पहले ही रंग लगा कर होली पर खूब गुलाल उड़ाया.

कालीबाड़ी मंदिर में भी लोगों ने एक दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दी. लोगों को कहना है कि होली के दिन छुट्टी होती है और अधिकतर लोग मिल नहीं पाते हैं. क्योंकि उन्हें अपने घर जाना पड़ता है. ऐसे में होली के एक दिन पहले रंग लगाकर होली मनाकर शुभकामनाएं देना अच्छा रहता है. होली के दिन बाजारों में भी खूब रौनक रही लोगों ने जमकर होली के रंग खरीदे बच्चों ने पिचकरिया खरीदी मौसम साफ होने के कारण बाजारों में भी भीड़ दिखे और चारों तरफ रंगों के ही स्टॉल दिखे.

होली को लेकर बाजार में भीड़, जमकर की खरीदारी

होली पर्व को लेकर ऐसे तो बाजार में कई दिनों से लोग खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन मंगलवार को खरीदारी को लेकर बाजार में भीड़ उमड़ पड़ी. लोग अपने मनपसंद अनुसार रंग गुलाल पिचकारी टोपी पगड़ी सहित अन्य सामग्री की खरीदारी की.

वहीं, लोअर बाजार के दुकानदार वीरेंद्र का कहना, 'बाजार में अलग-अलग वैरायटी की पिचकारियां मंगवाई गयी थी. इस बार होली के त्यौहार को लेकर अच्छी बिक्री हुई है. होली के 1 दिन पहले शहर के कई बस अड्डे में भी होली का रंग उड़ा जो लोग अपने घर जा रहे थे, उन्हें उनके सहयोगियों ने बस अड्डे पर होली का रंग लगा का उन्हें विदा किया.

क्या है मान्यता?

वहीं, पंडित प्रेम शर्मा ने बताया, 'होली की पौराणिक कथा के अनुसार हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को वरदान प्राप्त था कि वह आग में भस्म नहीं हो सकती. हिरण्यकश्यप ने आदेश दिया कि होलिका प्रहलाद को गोद में लेकर आग में बैठे. आग में बैठने पर होलिका तो जल गई, पर प्रहलाद बच गया. ईश्वर भक्त प्रह्लाद की याद में इस दिन होली जलाई जाती है'.

उन्होंने बताया कि हिरण्यकश्यप नामक बुराई और भक्त प्रहलाद की अच्छाई की कहानी आज भी बच्चों को सुनाई जाती है. हमेशा बुराई पर अच्छाई की जीत होती ही है. इसलिए हमें हमेशा सत्य बोलना चाहिए और सद् मार्ग पर चलकर अच्छाई का साथ देना चाहिए.

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