ETV Bharat / state

1 मार्च से हिमाचल के स्कूलों में मोबाइल बैन, SOP जारी करने की तैयारी

सरकार का कहना है कि स्कूलों में मोबाइल फोन बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटकाता है. इसी वजह से यह फैसला लिया गया है.

HIMACHAL SCHOOLS MOBILE BAN
1 मार्च से हिमाचल के स्कूलों में मोबाइल बैन (HIMACHAL EDUCATION BOARD)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 10, 2026 at 6:01 PM IST

|

Updated : February 10, 2026 at 6:17 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 1 मार्च से मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है. शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि मोबाइल बैन को लेकर विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जा रही है, जिसे जल्द जारी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्रों की पढ़ाई पर फोकस बढ़ाने और स्कूलों में अनुशासन मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है.

पढ़ाई और अनुशासन पर जोर

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि स्कूलों में मोबाइल फोन बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटकाता है. इसी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक स्कूल परिसर में अधिकतम दो मोबाइल फोन ले जा सकेंगे, लेकिन कक्षा के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. केवल अटेंडेंस, शैक्षणिक ऐप्स और जरूरी शैक्षणिक कार्यों के लिए ही सीमित उपयोग की अनुमति होगी.

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर (ETV BHARAT)

छात्रों के लिए सख्त नियम

सरकार के फैसले के अनुसार प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक कोई भी छात्र स्कूल कैंपस में मोबाइल फोन नहीं लाएगा. सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में यह नियम समान रूप से लागू होगा. अगर कोई छात्र मोबाइल लेकर स्कूल आता है तो नियमानुसार उसका मोबाइल जब्त किया जाएगा और SOP के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी. शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि मोबाइल बैन को लेकर SOP अभी अंतिम रूप में तैयार की जा रही है. SOP में यह तय किया जाएगा कि मोबाइल मिलने पर किस स्तर पर क्या कार्रवाई होगी, चेतावनी का प्रावधान क्या रहेगा और जुर्माने की प्रक्रिया कैसे लागू होगी. विभाग का कहना है कि नियम लागू होने से पहले सभी स्कूलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.

शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी

कक्षा के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर शिक्षकों के लिए भी रोक रहेगी. इस फैसले को लागू करवाने की जिम्मेदारी स्कूल के मुख्य अध्यापक और प्रिंसिपल की होगी. यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित शिक्षक, छात्र के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

'बच्चों के व्यवहार में सुधार जरूरी'

वही, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्कूलों में मोबाइल फोन के अधिक इस्तेमाल से बच्चों के सामाजिक व्यवहार और मानसिक विकास पर असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि बच्चे लंच टाइम में आपस में बातचीत करने के बजाय मोबाइल में लगे रहते हैं। मोबाइल बैन से बच्चों में आपसी संवाद बढ़ेगा और खेलकूद गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. सरकार का मानना है कि यह फैसला स्कूलों में अनुशासन, पढ़ाई की गुणवत्ता और बच्चों के समग्र विकास के लिए जरूरी है. आने वाले दिनों में SOP जारी होने के बाद मोबाइल बैन को पूरी तरह लागू किया जाएगा.

ये भी पढ़ें: पशु मित्र भर्ती के जिस वीडियो पर मचा है बवाल, जानिए क्या कहते हैं नियम और कितनी मिलेगी सैलरी?

Last Updated : February 10, 2026 at 6:17 PM IST