₹26,683 करोड़ का राजस्व जुटाने का दावा, CM सुक्खू बोले- आर्थिक चुनौतियों के बीच हिमाचल ने दिखाई वित्तीय मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों के बल पर विकास की रफ्तार बनाए रखने का प्रयास कर रही है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 7, 2026 at 7:19 PM IST
शिमला: सीमित संसाधनों और लगातार बढ़ती आर्थिक चुनौतियों के बीच हिमाचल सरकार ने पिछले तीन वर्षों में अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का दावा किया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को विधायक प्राथमिकता बैठक के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार ने आय बढ़ाने के साथ-साथ विकास को गति देने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं. बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और वित्तीय चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई.
विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे दिन कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के विधायकों के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बीते तीन वर्षों में अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उस समय हासिल की गई है जब प्रदेश पहले से कर्ज, प्राकृतिक आपदाओं और घटती केंद्रीय सहायता जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने खर्चों पर नियंत्रण और आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए हैं.
जल विद्युत परियोजना से 150 करोड़ की अतिरिक्त आय
सीएम सुक्खू ने कहा कि कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है. इससे हिमाचल को हर साल करीब 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी. मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए दीर्घकालिक वित्तीय मजबूती की दिशा में अहम कदम बताया. मुख्यमंत्री ने बताया कि वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से राज्य सरकार को लगभग 401 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ हुआ है. उन्होंने कहा कि इस संपत्ति से भविष्य में भी राज्य को स्थायी आय मिलेगी और इससे हर वर्ष करीब 20 करोड़ रुपये की आमदनी होने का अनुमान है. सरकार इसे राज्य की आय के मजबूत स्रोत के रूप में विकसित कर रही है.
प्रदेश को होगा 50 हजार करोड़ का नुकसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत हिमाचल प्रदेश को 37,199 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला था, लेकिन यह राशि हर साल घटती चली गई. वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़, 2022-23 में 9,377 करोड़, 2023-24 में 8,057 करोड़, 2024-25 में 6,249 करोड़ और 2025-26 में केवल 3,257 करोड़ रुपये मिले. उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा आरडीजी बंद किए जाने से प्रदेश को करीब 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा.
कुल्लू में हवाई अड्डे के विस्तार की मांग
कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कुल्लू हवाई अड्डे के विस्तार की मांग उठाई. उन्होंने हैली-टैक्सी सेवा शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़कों को समय पर पूरा करने की बात कही. मणिकर्ण के लिए वैकल्पिक सड़क निर्माण की मांग भी बैठक में रखी गई.
बंजार-आनी में बिजली, सड़क और स्वास्थ्य पर फोकस
बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने सड़क व्यवस्था सुधारने और बिजली समस्या के समाधान के लिए बजौरा सब-स्टेशन को सुदृढ़ करने की मांग की. वहीं आनी विधायक लोकेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाएं बढ़ाने, चिट्टा माफिया पर सख्त कार्रवाई और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की मांग रखी. मनाली से विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि आरडीजी का बंद होना हिमाचल के हित में नहीं है. उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से मिलकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की अपील की. साथ ही मनाली में आइस स्केटिंग रिंक के निर्माण और लेफ्ट बैंक सड़क को मजबूत करने की मांग भी रखी.
बस सेवा, पुल और अधूरे कामों पर जोर
द्रंग विधायक पूर्ण सिंह ठाकुर ने बस सेवा विस्तार और सड़क सुधार की मांग की. जोगिंदर नगर विधायक प्रकाश राणा ने कर्मचारियों की तैनाती और बुनियादी सुविधाओं में सुधार की बात कही. धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर ने दो क्षेत्रों को जोड़ने वाले पुल के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने की मांग रखी.
स्वास्थ्य, पानी और बाईपास की मांग
बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी ने अधूरे पुल और पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने का आग्रह किया. मंडी विधायक अनिल शर्मा ने बड़े वाहनों के लिए मंडी बाईपास सड़क और जेल शिफ्ट करने का मुद्दा उठाया. सरकाघाट विधायक दिलीप ठाकुर ने अस्पताल भवन और डॉक्टरों के रिक्त पद भरने की मांग की. करसोग विधायक दीपराज ने आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन का मुद्दा उठाया. सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने सीवरेज सुविधा में सुधार और जल आपूर्ति योजनाओं को मजबूत करने की मांग रखी. नाचन विधायक विनोद कुमार ने इंडोर स्टेडियम का निर्माण जल्द पूरा करने और सड़कों के सुधार पर जोर दिया.
विधायक प्राथमिकता बैठक में राजस्व बढ़ाने से लेकर सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा तक के मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई. मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि केंद्र से मिलने वाली सहायता में कमी के बावजूद राज्य सरकार अपने संसाधनों के बल पर विकास की रफ्तार बनाए रखने का प्रयास कर रही है. बैठक से यह संकेत मिला कि आने वाले समय में सरकार वित्तीय अनुशासन और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ने की रणनीति पर काम कर रही है.
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