हिमाचल के इस दुर्गम क्षेत्र में 26 मई को होगा मतदान, हेलीकॉप्टर से पहुंचेगी टीम
मतदान के बाद मतपेटियों को बीड़ स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा. इसके बाद मतगणना भी बीड़ में ही करवाई जाएगी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 13, 2026 at 9:56 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में शामिल बड़ा भंगाल में इस बार लोकतंत्र का उत्सव ऐतिहासिक बनने जा रहा है. पहली बार राज्य निर्वाचन आयोग ने यहां अलग मतदान केंद्र स्थापित करने का फैसला लिया है. खास बात यह है कि मतदान दल हेलीकॉप्टर के जरिए इस दुर्गम क्षेत्र तक पहुंचेगा. 26 मई को यहां मतदान कराया जाएगा. चुनाव आयोग के इस फैसले को दूरदराज के मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
दुर्गम क्षेत्र के मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा भंगाल के मतदाताओं को मतदान से वंचित होने से बचाने के लिए यह विशेष योजना तैयार की है. दरअसल, पंचायत चुनाव इस बार मई महीने में हो रहे हैं. ऐसे में क्षेत्र के करीब 102 मतदाता कृषि कार्यों के चलते बड़ा भंगाल में ही मौजूद हैं. पहले पंचायत चुनाव दिसंबर-जनवरी में होते थे, जब अधिकांश लोग निचले क्षेत्रों खासकर बीड़ में रहते थे और वहीं मतदान कर लेते थे. लेकिन इस बार स्थिति अलग होने के कारण चुनाव आयोग को विशेष व्यवस्था करनी पड़ी. बड़ा भंगाल से बीड़ की दूरी लगभग 72 किलोमीटर है और वहां तक पहुंचने का एकमात्र साधन कठिन पैदल रास्ता है.
हेलीकॉप्टर से पहुंचेगी मतदान टीम
चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान दल में चार सदस्य शामिल होंगे. यह टीम हेलीकॉप्टर के माध्यम से मतदान सामग्री और मतपेटियां लेकर बड़ा भंगाल पहुंचेगी. मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतपेटियों को दोबारा हेलीकॉप्टर से बीड़ लाया जाएगा. पूरी प्रक्रिया उपमंडलाधिकारी की व्यक्तिगत निगरानी में संपन्न होगी. प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर भी विशेष तैयारी की है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके.
बीड़ में होगी मतगणना
मतदान के बाद मतपेटियों को बीड़ स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा. इसके बाद मतगणना भी बीड़ में ही करवाई जाएगी. सभी प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को मतगणना से कम से कम 24 घंटे पहले सूचना दी जाएगी. सुबह 9 बजे से मतगणना शुरू होगी और सभी वार्डों के मतपत्रों की अलग-अलग गिनती की जाएगी. बड़ा भंगाल में मतदान केंद्र स्थापित करने का फैसला यह दिखाता है कि चुनाव आयोग अब दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक भी लोकतंत्र की पूरी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि हर वोट की कीमत बराबर है और कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित नहीं रहेगा.
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