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हिमाचल में फ्लैट और प्लॉट खरीदना हुआ महंगा, सुक्खू सरकार ने बढ़ाई तीन से चार गुणा रजिस्ट्रेशन फीस

हिमाचल आवास विभाग ने रियल स्टेट प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है.

real estate project Registration fees
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (@DIPR)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 7, 2026 at 10:57 AM IST

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Updated : January 7, 2026 at 1:11 PM IST

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शिमला: हिमाचल में सुक्खू सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी परियोजनाओं पर बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश सरकार ने भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के तहत रजिस्ट्रेशन फीस में संशोधन किया है. आवास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश भू-संपदा (विनियमन और विकास) संशोधन नियम, 2025 को अधिसूचित कर दिया है. जिसके तहत भू-संपदा (रियल एस्टेट) परियोजनाओं के रजिस्ट्रेशन फीस में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे अब बिल्डरों और डेवलपर्स को पहले के मुकाबले तीन गुना तक ज्यादा शुल्क चुकाना होगा. इसको लेकर प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है.

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भू-संपदा परियोजना में जमाबंदी के तहत रजिस्ट्रेशन फीस (HP Govt Notification)

अधिसूचना के मुताबिक आवासीय उपयोग के लिए प्लॉट डेवलपमेंट को पहले जमाबंदी कुल परियोजना भूमि का 10 रुपए प्रति वर्ग मीटर शुल्क देना पड़ता था, जो अब ग्रामीण क्षेत्रों में 30 रुपए और शहरी क्षेत्रों में 40 रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है. इसी तरह से कमर्शियल प्लाटिंग के लिए जमाबंदी तय शुल्क को 20 रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर की ग्रामीण क्षेत्रों में 60 और शहरी क्षेत्र में 80 रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है. वहीं, संयुक्त आवासीय और वाणिज्यिक उपयोग के लिए प्लॉटेड विकास पर पंजीकरण जमाबंदी शुल्क को 15 रुपए प्रति वर्ग मीटर की जगह अब ग्रामीण क्षेत्रों में 45 रुपए व शहरी क्षेत्रों में 60 रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है.

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भू-संपदा परियोजना में स्वीकृत योजना अनुसार रजिस्ट्रेशन फीस (HP Govt Notification)

इसके अलावा अब आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत योजना अनुसार प्लॉटेड विकास शुल्क को भी 10 रुपए प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों 30 रुपए व शहरी क्षेत्रों 40 रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है. वहीं, प्रदेश सरकार वाणिज्य के उपयोग के लिए स्वीकृत योजना अनुसार प्लॉटेड विकास शुल्क को 20 से बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्रों में 60 और शहरी 80 रुपए किया गया है. इसके अलावा संयुक्त आवासीय और वाणिज्य कैटेगरी में स्वीकृत योजना अनुसार 15 रुपये प्रति वर्ग मीटर की जगह ग्रामीण क्षेत्रों में 45 रुपए प्रति वर्ग मीटर और शहरी क्षेत्रों में 60 रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया है. जो तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं.

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Last Updated : January 7, 2026 at 1:11 PM IST