हिमाचल में पोलियो अभियान की शुरुआत, 6 लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य
हिमाचल में पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है. अभियान के तहत सरकार ने 6.24 लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य रखा है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 21, 2025 at 3:18 PM IST
|Updated : December 21, 2025 at 3:33 PM IST
शिमला: देशभर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी आज पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है. प्रदेशभर में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं और पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जा रही हैं. इसी क्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला के कमला नेहरू अस्पताल में नौनिहालों को पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया. सरकार का लक्ष्य प्रदेश के करीब 6.24 लाख बच्चों को इस अभियान के तहत कवर करना है. पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में भी अभियान को पूरी मजबूती और गंभीरता के साथ लागू किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पल्स पोलियो अभियान को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ चलाया जा रहा है. प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में तैयारी पूरी कर ली है. अभियान के तहत राज्यभर में 5,793 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है.
6 लाख से अधिक बच्चों को कवर करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में पांच वर्ष तक की आयु के लगभग 6 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके लिए सभी जरूरी दवाइयां समय रहते अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचा दी गई हैं. यदि कोई बच्चा किसी कारण से टीकाकरण से छूट जाता है, तो स्वास्थ्य कर्मी उसके घर जाकर पोलियो की दवा पिलाएंगे.
आज कमला नेहरू अस्पताल, शिमला में सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया।
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) December 21, 2025
इस अभियान का उद्देश्य हर बच्चे को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है। इस अभियान की ताक़त हमारी वे बहनें और स्वास्थ्यकर्मी हैं, जिन्होंने घर-घर जाकर बच्चों को टीका देने के साथ मुस्कान,… pic.twitter.com/prGMhgDwjz
'नो चाइल्ड मिस' पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार का उद्देश्य 'नो चाइल्ड मिस' के लक्ष्य को हर हाल में हासिल करना है. अभियान का अगला चरण भी तय कार्यक्रम के अनुसार चलाया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पोलियो मुक्त हिमाचल के लक्ष्य को बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
'भारत पोलियो मुक्त, फिर भी सतर्कता जरूरी'
वहीं, कुल्लू जिला में पल्स पोलियो अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने किया. इस दौरान बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को दवा पिलाने के लिए केंद्रों पर पहुंचे. विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1995 में देशभर में पल्स पोलियो अभियान शुरू हुआ था, जब पोलियो एक गंभीर बीमारी थी. आज भारत पोलियो मुक्त है, लेकिन पड़ोसी देशों में अब भी मामले सामने आ रहे हैं. इसी कारण बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक देना बेहद जरूरी है.
प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कोशिश से पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है. प्रथम और द्वितीय चरण में घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी, ताकि भविष्य में भी हिमाचल प्रदेश पोलियो मुक्त बना रहे.
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