धर्मशाला में सड़कों पर उतरे प्राइमरी टीचर्स, कलस्टर और कंपलेक्स सिस्टम का विरोध
प्राइमरी टीचर फेडरेशन अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्न किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 4:40 PM IST
धर्मशाला: कलस्टर और कंपलेक्स सिस्टम के विरोध लगातार जारी है. रविवार को जिला भर के हजारों प्राइमरी शिक्षक अपनी मांगों को लेकर जिला कांगड़ा मुख्यालय धर्मशाला में सड़कों पर उतरे. प्राइमरी टीचर फेडरेशन (पीटीएफ) जिला कांगड़ा का कहना है कि कलस्टर और कंपेलक्स सिस्टम और मांगों पर वार्ता के लिए सरकार ने पीटीएफ की प्रदेश कार्यकारिणी को नहीं बुलाया तो आगामी रणनीति बनाई जाएगी. इससे भी बात नहीं बनी तो प्राइमरी टीचर अपने परिवारों सहित धरने पर बैठने को मजबूर होंगे.
गौरतलब है कि 23 सितंबर, 2025 को शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा न्यू कंपलेक्स सिस्टम पर एक अधिसूचना जारी की गई. इस अधिसूचना में प्राथमिक स्कूलों में कार्य कर रहे हजारों एचटी, सीएचटी, बीईईओ की प्रशासनिक शक्तियों को छीनकर कार्य क्षेत्र को सीमित कर दिया गया, ताकि भविष्य में इन पदों को समाप्त किया जा सके.
15 से 20 स्कूलों का एक परिसर बना दिया गया और समस्त प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन का कार्य प्रिंसिपल को दे दिया गया. इससे प्रिंसिपल के ऊपर कार्य का बोझ बढ़ेगा और प्राथमिक शिक्षा पूरी तरह से हाशिए पर चली जाएगी. सीबीएसई स्कूल बनाते समय सभी वर्ग के पदों को बनाए रखा गया, लेकिन इन स्कूलों से सीएचटी के पदों को समाप्त कर दिया गया. 3,000 से अधिक जेबीटी से एचटी पदों पर प्रमोशन को समाप्त करने पर कार्य किया जा रहा है.
इस जारी अधिसूचना से हजारों मिड डे मील वर्कर्स की नौकरी आने वाले समय में खतरे में पड़ने वाली है. जेबीटी के 4,500 से अधिक पद खाली चल रहे हैं, जिन्हें भरा नहीं जा रहा है. यह हजारों प्रशिक्षित जेबीटी बेरोजगारों के साथ अन्याय है. प्राथमिक स्कूलों में 6200 से अधिक नर्सरी टीचर्स तथा इतने ही आया के पद खाली चल रहे हैं. पीटीएफ का आरोप है कि हर तरफ से प्राथमिक शिक्षा को तबाह करने का कार्य किया जा रहा है.
पीटीएफ जिला कांगड़ा के अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा, 'शीघ्र सरकार ने प्रदेश कार्यकारिणी से वार्ता नहीं की तो आंदोलन उग्र किया जाएगा. कलस्टर, कंपलेक्स सिस्टम लागू किया गया, सीएचटी के पदों को समाप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं. स्कूलों को बंद कर दिया गया, जेबीटी को सीएचटी लगा दिया गया, जिसके चलते प्राइमरी शिक्षकों में खासा रोष देखा जा रहा है. पिछले दो साल से वार्ता के माध्यम से समस्याओं का हल करने का प्रयास किया जा रहा है'.
कुलदीप पठानिया ने कहा कि अब सरकार से आग्रह है कि 15 मार्च से पहले प्रदेश कार्यकारिणी से वार्ता करे, अन्यथा प्राइमरी शिक्षकों को उग्र आंदोलन छेड़ना पड़ेगा. पहले उत्कृष्ट स्कूल, फिर अटल विद्यालय की योजना फेल हुई, अब सीबीएसई के नाम पर बच्चे तक सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. सरकार ने मांगों को अनसुना किया तो प्राइमरी टीचर अपने परिवारों के साथ भी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे.
पीटीएफ जिला कांगड़ा महिला विंग अध्यक्ष संदीप कुमारी ने कहा, 'कलस्टर और कंपलेक्स सिस्टम प्राइमरी शिक्षकों के हित में नहीं है. रैली में उमड़ी भीड़ ने दर्शा दिया है कि कलस्टर और कंपलेक्स सिस्टम से हर प्राइमरी शिक्षक प्रताड़ित महसूस कर रहा है, जिससे शिक्षक रोष में है. प्रधानाचार्य के प्राइमरी स्कूलों को करने से दिक्कतें बढ़ जाएंगी, क्योंकि प्रधानाचार्य के भी अपने कार्य होते हैं. सरकार लगातार प्रयोग करती जा रही है, जो कि सहन नहीं होगा. 1984 से पहले भी इसी तरह की व्यवस्था थी, उस समय के शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर अलग से व्यवस्था करवाई थी. वर्तमान कलस्टर प्रणाली को ही यथावत रखते हुए सुदृढ़ किया जाए'.
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