हिमाचल के मंदिरों में लक्ष्मी का वास, तीन साल में 4.19 अरब रुपए का चढ़ावा, सरकारी अधिग्रहण में हैं देवभूमि के 36 मंदिर
तीन साल में हिमाचल सरकार के अधीन संचालित हो रहे 36 मंदिरों में श्रद्धालुओं ने 4.19 अरब रुपए से अधिक का चढ़ावा अर्पित किया है

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 4:34 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में तीन साल की अवधि में देश-विदेश के आस्थावान लोगों ने अपने आराध्य देवी-देवताओं के चरणों में अरबों रुपए भेंट किए हैं. तीन साल की अवधि में हिमाचल सरकार के अधीन संचालित हो रहे 36 मंदिरों में श्रद्धालुओं ने 4.19 अरब रुपए से अधिक का चढ़ावा अर्पित किया है. कुल रकम 4 अरब, 19 करोड़, 88 लाख, 37 हजार, 451 रुपए दर्ज की गई. ये आंकड़ा सिर्फ चढ़ावे की रकम का है. इसमें सोना-चांदी, हीरे-जवाहरात शामिल नहीं हैं.
ये जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन के पहले दिन लगे सवालों के लिखित जवाब में सामने आई है. शाहपुर से कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया ने मंदिरों के चढ़ावें से जुड़े सवाल किए थे. वे जानना चाहते थे कि तीन साल की अवधि में पहली अगस्त 2026 तक मंदिरों में कितना चढ़ावा आया. पठानिया ने मंदिरों के चढ़ावे की राशि के खर्च से जुड़ा सवाल भी किया था. संबंधित मंत्री व राज्य सरकार के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की तरफ से सवाल का लिखित जवाब दिया गया. जवाब के अनुसार मंदिरों के चढ़ावे का पैसा देवस्थल के रखरखाव, भक्तों की सुविधाओं, गौशालाओं आदि पर नियमों के अनुसार खर्च किया जाता है.

बाबा बालकनाथ में 99 करोड़ से अधिक की भेंट
उत्तर भारत के विख्यात सिद्ध पीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में तीन साल में सबसे अधिक 99 करोड़ रुपए से अधिक का चढ़ावा दर्ज किया गया. यहां इस साल अगस्त की पहली तारीख तक 29 करोड़ से अधिक की भेंट आई है. इसके अलावा वर्ष 2025 में 34.88 करोड़ रुपए व वर्ष 2024 में बाबा बालकनाथ के भक्तों ने 35.05 करोड़ रुपए बाबा के चरणों में अर्पित किए. इसी प्रकार बिलासपुर में मां नैना देवी जी में 86.94 करोड़ रुपए से अधिक का चढ़ावा आया. ऊना जिला के मां चिंतपूर्णी मंदिर में चढ़ावे का आंकड़ा 85.72 करोड़ रुपए से अधिक का रहा.

बिलासपुर के ही शाहतलाई में बाबा बालकनाथ मंदिर समूह में 14.10 करोड़ रुपए से अधिक की भेंट दर्ज की गई. मां ज्वालामुखी मंदिर कांगड़ा में 36.57 करोड़ रुपए से अधिक का चढ़ावा आया. इसमें अष्टभुजा मंदिर व टेढ़ा मंदिर का चढ़ावा भी शामिल है, क्योंकि ये मुख्य मंदिर का ही हिस्सा हैं. शिमला के जाखू स्थित हनुमान मंदिर का चढ़ावा 8.82 करोड़ रुपए रहा। इसी तरह शिमला में तारादेवी मंदिर का चढ़ावा 5 करोड़ रुपए से अधिक का रहा.

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