ETV Bharat / state

सभी टीचर्स के लिए TET पास करना जरूरी, शिक्षक महासंघ ने जताया विरोध, प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर न थोपी जाए टेट की शर्त, ये अन्यायपूर्ण है.

Himachal Pradesh Teacher Federation
विनोद सूद, प्रांत अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : June 19, 2026 at 10:49 AM IST

|

Updated : June 19, 2026 at 12:09 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: सुप्रीम कोर्ट के टीईटी (TET - Teacher Eligibility Test) पर फैसले के बाद विरोध के स्वर उठना शुरू हो गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने सेवारत (पहले से पढ़ा रहे) शिक्षकों के लिए भी टेट पास करना अनिवार्य कर दिया है. शिक्षकों का तर्क है कि जब वे बरसों पहले सरकारी नियमों के तहत नियुक्त हुए थे, तब टेट की अनिवार्यता नहीं थी. ऐसे में उम्र के इस पड़ाव पर फिर से परीक्षा देना उनके लिए बहुत मुश्किल और अन्यायपूर्ण है.

प्रमोशन के लिए TET पास करना अनिवार्य

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सेवारत शिक्षकों का टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है. जिनकी सेवा 5 साल से कम बची है, उन्हें नौकरी से तो नहीं निकाला जाएगा, लेकिन प्रमोशन के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है. शिक्षकों को राहत देते हुए अदालत ने टीईटी पास करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है.

हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने जताया विरोध

गुरुवार को हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने भी इस फैसले को अन्यायपूर्ण करार दिया है. इस फैसले के विरोध में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने डीसी शिमला के जरिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी सौंपे. हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष विनोद सूद ने संसद द्वारा इस मामले में वैधानिक एवं नीतिगत हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है और कहा कि शिक्षा के अधिकार (आरटीई) एक्ट 2009 के लागू होने से पहले नियमित तौर पर नियमानुसार हुई नियुक्तियां पूरी तरह वैध हैं, इसलिए सेवानिवृत्ति के समय टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) देने की बाध्यता और नौकरी जाने का संकट पैदा करना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है.

"जब शिक्षक नौकरी पर लगे थे, उस समय के नियम व शर्तों के अनुसार ही उनका चयन हुआ था. अब उम्र के इस पड़ाव पर यह फैसला तर्कसंगत नहीं है. जब कि उन्हें पढ़ाते हुए 20 से 25 साल का समय हो गया है. उन्हें काफी लंबे समय का अब अनुभव भी है और उम्र कि इस दहलीज पर यह फैसला उनके साथ अन्याय है." - विनोद सूद, प्रांत अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ

हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ की मांग

प्रांत अध्यक्ष विनोद सूद ने कहा कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा जारी अधिसूचना और सुप्रीम कोर्ट के 29 मई 2026 के हालिया फैसले के बाद देशभर के लाखों शिक्षकों में अपने भविष्य को लेकर चिंता और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है. दशकों से राष्ट्र निर्माण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में अमूल्य योगदान देने वाले इन अनुभवी शिक्षकों के सेवा अधिकारों की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस वर्ग को असमंजस में डालना पूरी शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता और शिक्षकों के मनोबल दोनों के लिए नुकसानदेह साबित होगा.

'बैक डेट से पात्रता शर्तें लागू करना अन्यायपूर्ण'

हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष विनोद सूद ने कहा कि साल 2010 से पहले विभिन्न राज्यों में शिक्षकों की नियुक्तियां तत्कालीन नियमों, योग्यता मानदंडों और चयन प्रक्रियाओं के अनुरूप ही विधिवत रूप से की गई थीं. ऐसे में बाद में निर्धारित की गई पात्रता शर्तों को बैक डेट से लागू करना प्राकृतिक न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के पूरी तरह विपरीत है. उन्होंने कहा कि महासंघ ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए संसद में आवश्यक विधेयक लाकर या विशेष प्रावधान के जरिए कानून में संशोधन करें, ताकि इन शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से स्थायी मुक्ति मिल सके और उनकी पदोन्नति सहित सभी सेवा लाभ सुरक्षित रहें. उन्होंने कहा कि आगामी रणनीति संघ के विचार विमर्श के बाद तय की जाएगी.

ये भी पढ़ें: PMVBRY के तहत 2400 करोड़ बांटेंगे PM मोदी, जानिए योजना का लाभ पाने के लिए कहां करें आवेदन?

ये भी पढ़ें: भूगोल शिक्षकों की भर्ती परीक्षा की तिथि बदली, अब इस दिन होगी सीबीटी

ये भी पढ़ें: मशालों की रोशनी में गूंजा युवाओं का गुस्सा, NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

ये भी पढ़ें: कॉलेजों में बंद हुए ये कोर्स, फिर भी नहीं रुकेगी पढ़ाई, इन विद्यार्थियों को बड़ी राहत

Last Updated : June 19, 2026 at 12:09 PM IST