हिमाचल में कितनी है बेसहारा गौवंश की तादाद? जानें इन पर सुक्खू सरकार ने तीन साल खर्च की कितनी राशि
प्रदेश में कुल 133 पंजीकृत गौशालाएं और गौ अभ्यारण्य संचालित हैं. वर्तमान में इन स्थानों पर 23,018 गौवंश रखे गए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 24, 2026 at 1:50 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार निराश्रित गौवंश (बेसहारा) के संरक्षण और गौशालाओं के संचालन पर लगातार काम करने का दावा करती रहती है. सरकार के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में गौशालाओं के संचालन और रखरखाव के लिए गोपाल योजना के तहत 65.33 करोड़ रुपये (65,33,94,500) की राशि स्वीकृत की गई है. इसके अलावा गौसदनों और गौ अभ्यारण्यों के निर्माण एवं विस्तार के लिए 1.57 करोड़ रुपये (1,57,93,938) से अधिक की राशि जारी की गई है. यह जानकारी विधानसभा में सुलह से भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल के जवाब में सरकार ने दी.
11,783 गौवंश अब भी बेसहारा
विधायक विपिन सिंह परमार ने सरकार से प्रदेश में निराश्रित गौवंश (बेसहारा) की संख्या को लेकर भी जानकारी मांगी थी. कृषि मंत्री चंद्र कुमार की ओर से दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 11,783 निराश्रित गौवंश हैं. सरकार के अनुसार, भूमि उपलब्धता के आधार पर समय-समय पर गौशालाओं और गौ अभ्यारण्यों के निर्माण एवं विस्तार का काम किया जा रहा है.

प्रदेश में 133 गौशालाएं और गौ अभ्यारण्य पंजीकृत
सरकार ने बताया कि प्रदेश में कुल 133 पंजीकृत गौशालाएं और गौ अभ्यारण्य संचालित हैं. इनमें बड़ी संख्या में बेसहारा पशु लगातार आते रहते हैं. इनमें कई पशु घायल, चोटिल और कमजोर स्थिति में होते हैं, जिसके कारण उन्हें तत्काल पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाने की जरूरत रहती है. प्रदेश के गौसदनों और गौ अभ्यारण्यों में कुल 29,774 निराश्रित गौवंश को रखने की स्वीकृत क्षमता है. वर्तमान में इन स्थानों पर 23,018 गौवंश रखे गए हैं. सरकार ने बताया कि पंजीकृत गौसदनों में बिजली, पानी, भूसा स्टोर और पशुओं की स्वास्थ्य देखरेख जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं.
किस जिले में कितनी गौशालाएं?
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, हमीरपुर में सबसे अधिक 27 गौशालाएं और गौ अभ्यारण्य हैं. ऊना में 21, मंडी में 17, शिमला और सोलन में 16-16, बिलासपुर में 13, कांगड़ा में 11, सिरमौर में 8, जबकि चंबा और कुल्लू में 2-2 गौशालाएं और गौ अभ्यारण्य संचालित हैं.
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