क्रिसमस के रंग में रंगा हिमाचल, शिमला से कुल्लू तक चर्चों में दिखी आस्था की झलक
क्रिसमस के मौके पर शिमला से लेकर कुल्लू तक विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक इनमें शामिल हुए.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 25, 2025 at 3:35 PM IST
|Updated : December 25, 2025 at 5:43 PM IST
शिमला/कुल्लू: क्रिसमस के पावन पर्व पर हिमाचल प्रदेश श्रद्धा, शांति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया. राजधानी शिमला से लेकर कुल्लू तक चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल हुए. पहाड़ों की ठंड, रोशनी से सजे चर्च और कैरल्स की मधुर धुनों ने पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक माहौल बना दिया.
शिमला के क्राइस्ट चर्च में दिखी क्रिसमस की खास रौनक
क्रिसमस के मौके पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित क्राइस्ट चर्च में श्रद्धा और शांति का अनोखा दृश्य देखने को मिला. सुबह से ही चर्च में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी. चर्च परिसर को सफेद फूलों, मोमबत्तियों और रंग-बिरंगी लाइटों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है. चर्च की घंटियों की गूंज ने पूरे रिज क्षेत्र को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया.

कैरल्स और विशेष प्रार्थनाओं से गूंजा चर्च
क्राइस्ट चर्च में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा के दौरान कैरल्स की मधुर धुनें गूंजती रहीं. बाइबिल पाठ और गीतों के माध्यम से यीशु मसीह के प्रेम, करुणा और सेवा के संदेश लोगों तक पहुंचाए गए. श्रद्धालु शांत भाव से प्रार्थना करते नजर आए और पूरे वातावरण में सौहार्द और भाईचारे की भावना दिखाई दी.
'प्रेम और मानवता का पर्व है क्रिसमस'
क्राइस्ट चर्च की पादरी विनीता राय ने कहा, "क्रिसमस के अवसर पर देश और प्रदेश की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं. क्रिसमस प्रेम, शांति और मानवता का संदेश देता है और हमें यीशु मसीह के बताए मार्ग पर चलकर समाज में सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना चाहिए."

श्रद्धालुओं और पर्यटकों में दिखा उत्साह
प्रार्थना सभा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरों पर गहरी आस्था और सुकून साफ नजर आया. स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से आए पर्यटक भी चर्च पहुंचे. कई पर्यटकों ने बताया कि पहाड़ों के बीच क्रिसमस मनाने का अनुभव बेहद खास और यादगार है.
कुल्लू में भी धूमधाम से मनाया गया क्रिसमस
वहीं कुल्लू जिला मुख्यालय में भी क्रिसमस का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया. ढालपुर स्थित चर्च में सुबह से ही ईसाई समुदाय के लोग एकत्रित हुए. विशेष प्रार्थना सभा के दौरान यीशु मसीह को याद किया गया और स्तुति गान किया गया. चर्च परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा.
चर्च के पादरी लाल मोहन ने कहा, "क्रिसमस प्रभु यीशु मसीह के जन्म का पर्व है. उन्होंने कहा कि यीशु मसीह ने पूरी दुनिया को प्रेम, भाईचारे और सच्चाई के मार्ग पर चलने का संदेश दिया. इसी संदेश को आगे बढ़ाने के लिए चर्च में प्रार्थना और कार्यक्रम आयोजित किए गए."
24 दिसंबर की संध्या से ही शुरू हुआ उत्सव
ईसाई धर्म की अनुयायी मिशेल मसीह ने बताया कि 24 दिसंबर की शाम को भी चर्च में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. इस दौरान केक काटा गया और लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं. उन्होंने कहा कि यीशु मसीह का संदेश आज भी समाज को जोड़ने का काम करता है.
न्यू ईयर तक रहेगा उत्सव का माहौल
क्रिसमस के साथ ही हिमाचल प्रदेश में न्यू ईयर के स्वागत की तैयारियां भी तेज हो गई हैं. शिमला और कुल्लू सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन जारी हैं. बढ़ती पर्यटक संख्या के बीच प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी खास ध्यान दे रही है, ताकि श्रद्धालु और सैलानी शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मना सकें.
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