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HP बजट सेशन: गवर्नर ने 2 मिनट में अभिभाषण खत्म किया, RDG पर सियासी संग्राम

हिमाचल विधानसभा में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने दो मिनट में ही अपना अभिभाषण खत्म कर दिया.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा
हिमाचल प्रदेश विधानसभा (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 16, 2026 at 9:38 PM IST

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Updated : February 16, 2026 at 9:46 PM IST

4 Min Read
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शिमला: आरडीजी (रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट) खत्म होने के बाद उपजी सियासी परिस्थितियों के बीच सोमवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र ऐसे नाटकीय अंदाज़ में शुरू हुआ, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी. दोपहर ठीक 2 बजे जब सभी की निगाहें राज्यपाल के अभिभाषण पर टिकी थीं, तो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह औपचारिक संबोधन महज दो मिनट में सिमट जाएगा और वह भी अधूरा.

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जैसे ही अभिभाषण पढ़ना शुरू किया, सदन में सामान्य कार्यवाही की उम्मीद थी. लेकिन अभिभाषण के पहले पन्ने पर ही आरडीजी का उल्लेख आते ही घटनाक्रम अचानक बदल गया. राज्यपाल ने स्पष्ट आपत्ति जताते हुए कहा कि इन टिप्पणियों को वे “संस्थागत ढांचे के विरुद्ध” मानते हैं और उन्हें पढ़ना उचित नहीं समझते. इतना कहकर उन्होंने अभिभाषण यहीं समाप्त कर दिया. सदन में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया, फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं.

यह पहला मौका नहीं है जब हिमाचल की विधानसभा में ऐसा दृश्य देखने को मिला हो. वर्ष 2015 में भी तत्कालीन राज्यपाल कल्याण सिंह ने बजट अभिभाषण नहीं पढ़ा था, जिससे प्रदेश की राजनीति में भारी हलचल मच गई थी. बाद के वर्षों में जब प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी, तब विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण के दौरान जोरदार हंगामा किया था. यानी सत्ता और विपक्ष की भूमिका बदलती रही, लेकिन अभिभाषण के दौरान टकराव की परंपरा जैसे कायम रही. खैर सोमवार से शुरू हुआ यह तीन दिवसीय बजट सत्र पहले ही दिन कई नाटकीय मोड़ों का गवाह बना.

17 नंबर पैराग्राफ से सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख

सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने बीते कार्यकाल में जनकल्याण, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण को केंद्र में रखकर अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की है. राज्यपाल के अभिभाषण के पेज 6 के पैराग्राफ 17 से लेकर पेज 50 के पैराग्राफ 130 तक सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है, जिसमें हर वर्ग—किसान, युवा, महिला, कर्मचारी और आम नागरिक को सशक्त बनाने के प्रयासों का उल्लेख है.

जिस पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि इसे सभी सदस्यों को पढ़ना चाहिए. इसे पढ़ा हुआ समझा जाए. वहीं, अंत में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि मैं आप सभी के सुखी और सफल जीवन की कामना करता हूं. मेरी सरकार की गतिविधियां आपके समक्ष सुरक्षणे के लिए मुझे यह अवसर प्रदान करने पर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं कह कर अभिभाषण को समाप्त कर दिया.

सदन में सीएम सुक्खू ने कह दी ये बड़ी बात

विधानसभा बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नियम 102 के तहत RDG पर प्रस्ताव लाया. जिस पर सदन में चर्चा चल रही हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि RDG के मामले में विपक्ष अपना पक्ष नहीं रख पा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार इस पर सही तरह से अपने पक्ष को रखेगी.

सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में मिले 17 हजार करोड़ के बाद भी हम आत्मनिर्भर हिमाचल की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को OPS भी देगी और बिजली बोर्ड का निजीकरण भी नहीं किया जाएगा. प्रदेश में हिमकेयर योजना को भी चलाएंगे और सहारा योजना भी चलती रहेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो 17 हजार करोड़ में सरकार चला रहे हैं, वह आत्मनिर्भर हिमाचल की कहानी लिख रहे हैं.

वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने RDG पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि प्रदेश संकट में है, इसकी गंभीरता को समझा जाए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास सही तरह से अपना पक्ष रखें, लेकिन शुरुआत में मित्रों के टोले को जो सुविधाएं दी जा रही है. पहले उस पर विचार कीजिए. उन्होंने कहा कि अब कड़े और बड़े फैसले लेने होंगे. सरकार में आप हैं. हम उसके बाद विचार करेंगे, आप हमें बाध्य नहीं कर सकते हैं.

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Last Updated : February 16, 2026 at 9:46 PM IST