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पेंशन एरियर की अधिसूचना पर भड़के पेंशनर्स, विधानसभा घेराव की दी चेतावनी

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने पेंशन एरियर की जारी अधिसूचना को लेकर नाराजगी जाहिर की है.

पेंशन एरियर की अधिसूचना पर भड़के पेंशनर्स
पेंशन एरियर की अधिसूचना पर भड़के पेंशनर्स (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 20, 2026 at 3:16 PM IST

3 Min Read
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धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से 18 अगस्त को जारी पेंशन एरियर संबंधी अधिसूचना को हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने सिरे से खारिज कर दिया है. समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने सरकार पर पेंशनरों के साथ भेदभाव करने, उन्हें वर्गों में बांटने और अधूरे तरीके से एरियर जारी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार की अधिसूचना से पेंशनरों में भारी रोष है और अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

सुरेश ठाकुर ने कहा, "सरकार की अधिसूचना में पेंशन एरियर का तो उल्लेख किया गया है, लेकिन वेतन एरियर के संबंध में कोई स्पष्टता नहीं है. खासकर वर्ष 2020 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के वेतन एरियर को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है. एरियर भुगतान के लिए 281 करोड़ रुपये के प्रावधान को भी अपर्याप्त है और ये ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है".

पेंशनरों को वर्गों में बांटने का आरोप

समिति के प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार पर पेंशनरों को क्लास-1, क्लास-2 और क्लास-3 के आधार पर बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सभी पेंशनर समान हैं, ऐसे में एरियर भुगतान के लिए अलग-अलग वर्ग बनाना उचित नहीं है। उन्होंने इसे पेंशनरों की एकजुटता को कमजोर करने का प्रयास बताया.

35 प्रतिशत एरियर पर भी उठाए सवाल

सुरेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री की 15 अगस्त की घोषणा का हवाला देते हुए कहा कि क्लास-3 के पेंशनरों को 35 प्रतिशत और क्लास-1 व क्लास-2 के पेंशनरों को 15 प्रतिशत एरियर देने की बात कही गई थी. अधिसूचना में 40 हजार रुपये से अधिक बेसिक पेंशन वाले क्लास-3 पेंशनरों के लिए भी 15 प्रतिशत एरियर की शर्त लगा दी गई है. इससे सरकार की घोषणा और अधिसूचना में अंतर सामने आया है.

2022 के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मुद्दा उठाया

सुरेश ठाकुर ने वर्ष 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को लीव एनकैशमेंट, ग्रेच्युटी और कम्यूटेशन का भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने मुख्यमंत्री को 13 मई 2026 को किए गए कथित वादों की याद दिलाते हुए सरकार से इन लंबित देनदारियों का जल्द भुगतान करने की मांग की.

18 संगठनों की आपात बैठक, आंदोलन तेज करने की तैयारी

उन्होंने कहा कि समिति ने पहले अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में आंदोलन का फैसला लिया था, लेकिन नई अधिसूचना के बाद पेंशनरों का गुस्सा और बढ़ गया है. विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले समिति ने अपने 18 संगठनों की आपात बैठक बुलाई है. ठाकुर ने संकेत दिया कि अब आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आंदोलन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किन्नौर, लाहौल-स्पीति, भरमौर, सिरमौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में चरणबद्ध तरीके से लंबे समय तक प्रदर्शन किए जाएंगे.

सुरेश ठाकुर ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभ और एरियर का उचित भुगतान नहीं किया गया तो आने वाले समय में सरकार को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. समिति ने सरकार से पेंशनरों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है.

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