ETV Bharat / state

हिमाचल में तीन चरणों में होंगे पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव, DC और SP को मिले ये निर्देश

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों को लेकर सभी डीसी और एसपी के साथ ऑनलाइन बैठक ली.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : April 16, 2026 at 7:41 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: हिमाचल में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर अब तैयारियां अंतिम चरण में है. ऐसे में प्रदेश में अगले कुछ दिनों में कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है. इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से चुनाव करवाने के लिए हर एक पहलुओं पर बारिकी से मंथन कर रहा है. इसी कड़ी में गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव की तैयारियों की जानकारी लेने के लिए सभी डीसी और एसपी की ऑनलाइन बैठक ली.

इस दौरान राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से चुनाव करवाने के लिए डीसी और एसपी को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए. प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के लिए तीन चरणों में चुनाव कराए जाएंगे. जिसके लिए सभी जिलों में बैलेट बॉक्स पहुंचा दिए हैं. वहीं, शांति पूर्वक तरीके से चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 हजार पुलिस कर्मियों की सेवाएं ली जाएंगी. इसके अतिरिक्त संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी. वहीं, चुनावी प्रक्रिया को पूरी करने के लिए राज्य में करीब 50 हजार कर्मचारी अपनी सेवाएं देंगे.

कंप्लेंट सैल होंगे स्थापित

मीडिया से जुड़ी जानकारी के लिए सभी जिला में अलग से मीडिया सैल बनाए जाएंगे. यह सैल चुनाव से लेकर सभी प्रकार के अपडेट उपलब्ध करवाएंगे. वहीं, चुनाव से संबंधित शिकायतों के लिए 24 आवर्स कंप्लेंट सैल भी स्थापित किए जाएंगे. जहां चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज करवा सकेंगे.

राज्य की 3753 पंचायतों सहित पंचायत समितियों, जिला परिषद और 53 नगर निकायों में चुनाव करवाएं जाएंगे. जिसके लिए अगले कुछ दिनों में कभी भी चुनाव आचार संहिता लागू हो सकती है. वहीं जिला परिषद सदस्यों, नगर निगम पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए एक लाख खर्च की सीमा तय की गई है. जिसके लिए इन सभी प्रत्योशियोंं को अपने डे-टू-डे चुनाव खर्च से संबंधित जानकारी चुनाव आयोग को देनी होगी.

इस जानकारी में पोस्टर सहित अन्य प्रचार सामग्री एवं रोजाना होने वाली चुनावी सभाओं में होने वाले खर्च की जानकारी उपलब्ध करवानी होगी. वहीं, अगर चुनाव से जुड़े खर्च की जानकारी उम्मीदवार द्वारा सही नहीं दी जाती है या फिर धन का दुरूपयोग करने का कोई भी मामला सामने आता है तो इस स्थिति में जीतने के बाद भी उम्मीदवारों का चुनाव रद्द हो सकता है.

ये भी पढ़ें: कोई भी लड़ सकता है BDC और प्रधान का इलेक्शन, कांग्रेस पार्टी आधार पर नहीं लड़ेगी पंचायत चुनाव: CM सुक्खू