इस जिले में प्राकृतिक खेती से जुड़े 23 हजार नए किसान, 2 सालों में ₹78 लाख का लाभ
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसान हो रहे लाभान्वित.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : April 13, 2026 at 11:19 AM IST
|Updated : April 13, 2026 at 12:48 PM IST
मंडी: हिमाचल प्रदेश में रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई नीतियां चलाई जा रही हैं. जिसके चलते बड़ी संख्या में किसान रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती का रुख कर रहे हैं और अच्छा खासा मुनाफा भी कमा रहे हैं. जिससे न सिर्फ किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ हो रही है, बल्कि लोगों को पोषणयुक्त भोजन भी उपलब्ध हो रहा है. वहीं, प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलने से अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं. हिमाचल में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अनाज पर देशभर में सबसे ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किया गया है. जिसके फलस्वरूप किसानों को उनकी मेहनत का उचित सम्मान व फसल का बेहतर दाम मिल रहा है.
2 साल में ₹78 लाख का फायदा
वहीं, मंडी जिले में दो साल में ही प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को करीब 78 लाख रुपए के लाभ प्रदान किए जा चुके हैं. ये पहल प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है. इसी का परिणाम है कि बीते 3 सालों में जिला मंडी में 23,291 नए किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं. मंडी जिले में वर्तमान में 48,380 किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं.
"प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को मूर्त रूप प्रदान करते हुए मंडी जिले में अधिकतर किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा रहा है. सरकार द्वारा समय-समय पर प्राकृतिक उत्पादों का समर्थन मूल्य बढ़ाया जा रहा है, जिसका समय पर किसानों तक लाभ हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा रहा है." - अपूर्व देवगन, डीसी मंडी

इस साल के बजट में बढ़ाया MSP
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा इस साल के बजट में प्राकृतिक विधि से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 60 रुपए से बढ़ाकर 80 रुपए प्रति किलोग्राम, मक्की का समर्थन मूल्य 40 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए प्रति किलोग्राम, हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 150 रुपए प्रति किलोग्राम किया गया है. पहली बार अदरक का समर्थन मूल्य 30 रुपए प्रति किलोग्राम घोषित किया गया है.
| प्राकृतिक विधि से तैयार फसलों की MSP | ||
| फसल | वित्त वर्ष 2025-26 में MSP | वित्त वर्ष 2026-27 के लिए MSP |
| गेहूं | 60 | 80 |
| मक्की | 40 | 50 |
| हल्दी | 90 | 150 |
| अदरक | - | 30 |

महिलाओं ने जताया सीएम का आभार
सुंदरनगर की प्रेमलता, बल्ह के घट्टा गांव की लीला देवी और करसोग की गीता का कहना है कि प्राकृतिक विधि से उपजाए अनाजों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से उनकी आर्थिकी में सुधार आ रहा है और किसानों की जीविका सुदृढ़ करने की दिशा में यह बेहतर कदम है. उन्होंने हल्दी, गेहूं और अदरक के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है.
"मैं किसान परिवार से हूं. मैं मुख्यमंत्री का बहुत आभार व्यक्त करती हूं की उन्होंने प्राकृतिक रूप से तैयार हल्दी 90 से 150 रुपए किलो, गेहूं 60 से 80 रुपए और हमारी मक्की 40 से 50 रुपए किलोग्राम के हिसाब से खरीदी. इससे हमारी आर्थिकी को भी बढ़ावा मिला है." - नीलम, महिला किसान, सरकाघाट

दो सालों में किसानों से फसलों की खरीद
कृषि विभाग आत्मा मंडी के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश पटियाल ने बताया कि मंडी जिले में साल 2024-25 में प्राकृतिक खेती करने वाले 328 किसानों से 651.33 क्विंटल मक्का, 15 किसानों से 2.922 मीट्रिक टन कच्ची हल्दी और 152 किसानों से 290.67 क्विंटल गेहूं खरीदा गया. साल 2025-26 में प्राकृतिक खेती करने वाले 192 किसानों से 389.48 क्विंटल मक्का और 236 किसानों से 230 क्विंटल कच्ची हल्दी खरीदी गई. अगले माह से किसानों से गेहूं की खरीद शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा की किसानों की सुविधा को देखते हुए सरकार द्वारा गेहूं का प्रापण केंद्र तक लाने पर उन्हें 200 रुपए प्रति क्विंटल ढुलाई का अतिरिक्त भुगतान किया जा रहा है. यह कदम विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के लिए राहत भरा सिद्ध हो रहा है. मंडी जिले में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों की खरीद के लिए कृषि विभाग ने मंडी सदर, पधर, सुंदरनगर, जोगिंदर नगर, सरकाघाट व धर्मपुर में छह प्रापण केंद्र स्थापित किए हैं.
| प्राकृतिक विधि से तैयार फसलों की खरीद | ||||||
| वित्त वर्ष | ||||||
| 2024-25 | 2025-26 | |||||
| फसल | खरीद (मात्रा) | किसान | फसल | खरीद (मात्रा) | किसान | |
| गेहूं | 290.67 क्विंटल | 152 | गेहूं | - | - | |
| मक्का | 651.33 क्विंटल | 328 | मक्का | 389.48 क्विंटल | 192 | |
| हल्दी | 2.922 मीट्रिक टन | 15 | हल्दी | 230 क्विंटल | 236 | |
दो सालों में किसानों को किया इतना भुगतान
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (आत्मा) के उप-परियोजना निदेशक हितेंद्र ठाकुर ने बताया कि जिला मंडी में साल 2024-25 के दौरान 495 किसानों के खातों में 37 लाख 05 हजार 816 रुपए मक्का, गेहूं और हल्दी की खरीद के लिए हस्तांतरित किए गए. साल 2025-26 में 428 किसानों के खातों में 40 लाख 17 हजार 124 रुपए मक्की और हल्दी की खरीद के लिए हस्तांतरित किए गए, जबकि गेहूं की खरीद अगले माह से 6 प्रापण केंद्रों पर की जानी प्रस्तावित है. उन्होंने अन्य किसानों से भी प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया.

