हिमाचल में रंगीन क्रांति, कृषि विज्ञान केंद्र उगा रहा सेहत से भरपूर सब्जियां
गुलाबी-पीली फूलगोभी से लेकर लाल बंदगोभी तक, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पौध किसानों को होगी उपलब्ध.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 16, 2026 at 7:49 AM IST
|Updated : February 16, 2026 at 10:06 AM IST
सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में अब खेतों और किचन गार्डन में रंगों की बहार नजर आएगी. कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर ने प्राकृतिक विधि से उगाई जा रही रंगीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सब्जियों के जरिए पोषण और आत्मनिर्भरता की पहल शुरू की है. इस पहल का उद्देश्य खासतौर पर उन महिलाओं और छोटे किसानों को सशक्त बनाना है, जिनकी निर्भरता सब्जियों के लिए बाजार पर अधिक रहती है. जिला सिरमौर के कृषि विज्ञान केंद्र में इन दिनों रंग-बिरंगी सब्जियों की विशेष खेती आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.
कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पंकज मित्तल ने बताया, "कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर में पिछले कुछ सालों से अद्भुत प्रयास किए जा रहे हैं. प्राकृतिक विधि से गुलाबी रंग की फूलगोभी, पीले रंग की फूलगोभी, लाल बंदगोभी सहित कई एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सब्जियां उगाई जा रही हैं."

महिलाओं-छोटे किसानों को मिलेगा ज्यादा लाभ
प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पंकज मित्तल ने बताया कि “पोषण वाटिका कार्यक्रम” के तहत न्यूट्री गार्डन कॉन्सेप्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसी महिलाओं और किसानों को लाभ पहुंचाना है, जिनके पास भूमि कम है और जो दैनिक जरूरतों के लिए बाजार पर निर्भर रहते हैं. केंद्र द्वारा तैयार की गई पौध किसानों और महिलाओं को उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि वे अपने किचन गार्डन में इन सब्जियों को उगा सके और ताजा, पौष्टिक आहार प्राप्त कर सकें.

केंद्र में फूलगोभी के अलावा लगाई गई ये सब्जियां
कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर में सिर्फ रंगीन फूलगोभी ही नहीं, बल्कि मटर, पालक, मेथी, ब्रोकली, मूली सहित लगभग सभी मौसमी सब्जियां लगाई गई हैं. इन सब्जियों में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं. कुल मिलाकर इस पहल से जहां एक ओर ग्रामीण परिवारों को पौष्टिक भोजन सुलभ होगा. वहीं, दूसरी ओर सब्जियों पर होने वाला खर्च भी कम होगा. कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर का यह प्रयास जिले में पोषण सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है. अधिक जानकारी के लिए लोग कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर से संपर्क कर सकते हैं.
"फिलहाल इन विशेष किस्मों की पौध तैयार कर किसानों को बांटी जा रही है. आने वाले समय में जब इन उन्नत रंगीन सब्जियों के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएंगे, तब अन्य किसानों को भी बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पहल से जुड़ सकें." - डॉ. पंकज मित्तल, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी केवीके सिरमौर

