हिमाचल में बारिश का फिर तांडव! 150 के करीब सड़कें बंद, 259 की मौत, जानें पूरा अपडेट
हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश के बाद 150 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें अकेले मंडी जिले की 78 सड़कें शामिल हैं.


By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : September 2, 2026 at 5:12 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर मुश्किलें बढ़ाता नजर आ रहा है. बीती रात हुई तेज बारिश ने पहाड़ी राज्य में जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. भारी बारिश के बाद प्रदेशभर में 150 सड़कें बंद हो गई हैं. खास बात ये है कि बंद सड़कों का ये आंकड़ा बीते दिन के मुकाबले करीब दोगुना है. बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां अकेले 78 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं.
वहीं, प्रदेश में 374 स्थानों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि 40 जगहों पर पेयजल आपूर्ति बाधित है. ऐसे में कई इलाकों में लोगों को सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लगातार बारिश के बीच सबसे बड़ी चुनौती बंद सड़कों को खोलने और बिजली-पानी की आपूर्ति को जल्द बहाल करने की है. प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सेवाओं की बहाली के लिए जुटी हुई हैं. हालांकि बारिश का दौर जारी रहने से राहत और बहाली के काम में भी मुश्किलें पेश आ रही हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की आशंका के बीच प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है.
30 जून से अब तक 259 लोगों की मौत
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से अब तक हिमाचल प्रदेश में 259 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 106 लोगों की जान प्राकृतिक आपदाओं के कारण गई है, जबकि 153 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है. जनहानि के मामले में शिमला जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां सर्वाधिक 35 लोगों की जान गई और 62 लोग घायल हुए. इसके अलावा कांगड़ा, सिरमौर में 33-33, चंबा में 31, कुल्लू में 25, मंडी में 22, ऊना में 21, लाहौल-स्पीति में 20, सोलन में 16, किन्नौर में 10, बिलासपुर में 7 और हमीरपुर में 6 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है. मंडी जिले से 2 और लाहौल-स्पीति से 1 व्यक्ति अभी भी लापता है, जिनकी तलाश की जा रही है. अब तक कुल 468 लोग घायल हुए हैं. ऊना में सबसे अधिक 92, बिलासपुर में 17, चंबा में 36, हमीरपुर में 9 कांगड़ा में 2, किन्नौर में 32, कुल्लू में 64, शिमला में 62, सोलन 53 लोग घायल हुए हैं. कुल मिलाकर 468 लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा आपदा में 460 पशु-पक्षी मारे गए हैं, जिससे ₹127.68 लाख का नुकसान दर्ज किया गया है. मानसून के दौरान लगातार बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है.
इस दौरान 34 पक्के और 71 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं. कई अन्य भवनों, सड़कों और सार्वजनिक सेवाओं को भी नुकसान पहुंचा है. 138 पक्के घरों और 313 कच्चे घरों को नुकसान पहुंचा है. 17 दुकानों और पांच लेबर शेड क्षतिग्रस्त हुए हैं है. सरकारी संपत्तियों और बुनियादी ढांचे पर मानसून की मार पड़ी है. सड़कों, पुलों और रिटेनिंग वॉल के क्षतिग्रस्त होने से लोक निर्माण विभाग (PWD) को अकेले 914.76 करोड़ रुपये की चपत लगी है. वहीं पेयजल और सिंचाई योजनाओं के ध्वस्त होने से जल शक्ति विभाग (JSV) को 25861.24 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है. इसके अतिरिक्त बिजली बोर्ड को 5.30 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग को 2.14 करोड़ रुपये और कृषि व बागवानी क्षेत्र को 78.96 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.
निजी संपत्ति की तबाही का आंकड़ा भी चिंताजनक है. प्रदेश भर में 105 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं, जिनमें 34 पक्के और 71 कच्चे मकान शामिल हैं . इसके अलावा 451 मकानों (138 पक्के और 313 कच्चे) को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है . भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 397 गौशालाएं, 17 दुकानें व कारखाने, 5 लेबर शेड और 5 घराट या श्मशान घाट पानी के तेज बहाव में बह गए, जिससे निजी संपत्ति को कुल 9.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है .
मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
बारिश से सड़क नेटवर्क पर सबसे अधिक असर मंडी जिले में पड़ा है. यहां 78 सड़कें बंद हैं. इनमें सराज सब-डिवीजन में 40, थलौट में 30, सरकाघाट व गोहर में 3-3 और सुंदरनगर में 2 सड़कें शामिल हैं. इसके अलावा शिमला जिले में 30 सड़कें अवरुद्ध हैं, जिनमें अकेले जुब्बल सब-डिवीजन की 25 सड़कें शामिल हैं. कुल्लू में 12, चंबा में 8, कांगड़ा में 7, सिरमौर में 6, सोलन में 4, ऊना में 4 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद है. बिलासपुर, हमीरपुर और किन्नौर में सभी सड़कें चालू हैं. प्रदेश के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. विभागीय मशीनरी और कर्मचारी बंद सड़कों को खोलने में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बहाली अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
बिजली-पानी की बहाली भी चुनौती
बारिश के कारण 374 स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई है. इसके अलावा 40 जगहों पर जल आपूर्ति प्रभावित हुई है. बिजली और पेयजल जैसी जरूरी सेवाओं को सामान्य करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें काम कर रही हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करना है.
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