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हिमाचल में बारिश का असर, 98 सड़कें बंद, नुकसान 1168 करोड़ के पार

मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के बावजूद तबाही के निशान बरकरार हैं. अब तक ₹1,168 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है.

हिमाचल में बारिश से  हुई भारी तबाही
हिमाचल में बारिश से हुई भारी तबाही (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 26, 2026 at 10:53 AM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार भले ही अब धीमी पड़ने लगी हो, लेकिन बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण मुसीबतें काम होने का नाम नहीं ले रही है. पहाड़ों पर बारिश थमने के बाद जहां मौसम में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कई इलाकों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी भी पटरी पर नहीं लौट पाई हैं. प्रदेश में फिलहाल 98 सड़कें बंद हैं, जबकि 5 स्थानों पर बिजली आपूर्ति और 20 स्थानों पर जलापूर्ति बाधित है. ऐसे में मानसून की सक्रियता कम होने के बावजूद आपदा से उबरने की चुनौती प्रशासन के सामने बनी हुई है.

प्रदेश में 30 जून से अब तक मानसून और इससे जुड़ी घटनाओं के कारण 1168 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया जा चुका है. नुकसान का यह आंकड़ा प्रदेश के बुनियादी ढांचे पर बारिश की गंभीर मार को दर्शाता है. सड़कें, बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने के साथ कई क्षेत्रों में लोगों को रोजमर्रा की सुविधाओं के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है.

237 लोगों की गई जान

बारिश और मानसून के दौरान प्रदेश में अब तक कुल 237 लोगों की मौत हुई है. इनमें 98 लोगों की जान प्राकृतिक आपदाओं के कारण गई, जबकि 139 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है. इस तरह मानसून का असर केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहा, इससे जान-माल की भारी क्षति भी प्रदेश को झेलनी पड़ी है.

बंद पड़ी सड़कों को खोलने का प्रयास

बीती शाम हुई तेज बारिश के बाद अब मौसम में सुधार के संकेत हैं और आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता कम रहने का पूर्वानुमान है. बारिश का दौर कमजोर पड़ने से प्रशासन को राहत कार्यों और बहाली अभियान में तेजी लाने का मौका मिलेगा. अब प्राथमिकता बंद पड़ी 98 सड़कों को खोलने, बिजली आपूर्ति बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने की है. हालांकि बारिश की रफ्तार कम होना राहत की खबर है, लेकिन 1168 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान और 237 मौतों का आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि इस मानसून ने हिमाचल को गहरा जख्म दिया है.

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