हिमाचल के बेटे ने सात समंदर पार रचा इतिहास, दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा
दक्षिण अमेरिका में स्थित माउंट अकोंकागुआ लगभग 6,961 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे विश्व की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 10:37 AM IST
मंडी: सात समंदर पार, बर्फ से ढकी खतरनाक पहाड़ियों के बीच जब तिरंगा लहराया तो उसके साथ हिमाचल का मान भी ऊंचा हो गया. मंडी जिले के सुंदरनगर के बेच्छना गांव के निवासी और भारतीय सेना में नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ पर पहुंचकर इतिहास रच दिया है. उनकी यह उपलब्धि न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.
माउंट अकोंकागुआ पर ऐतिहासिक फतह
दक्षिण अमेरिका में स्थित Mount Aconcagua लगभग 6,961 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे विश्व की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है. यहां का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है. तेज बर्फीली हवाएं चलती हैं और ऑक्सीजन की भारी कमी पर्वतारोहियों की परीक्षा लेती है. इन कठिन परिस्थितियों के बीच 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह ने शिखर पर पहुंचकर तिरंगा लहराया और इतिहास रच दिया.
यह विशेष अभियान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (Nehru Institute of Mountaineering) और जवाहर पर्वतारोहण संस्थान (Jawahar Institute of Mountaineering) के संयुक्त दल द्वारा संचालित किया गया था. इस अभियान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पर्वतारोहण कौशल का प्रदर्शन करना था. नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह इस दल के महत्वपूर्ण सदस्य रहे और उन्होंने अपने अनुशासन, धैर्य और साहस से मिशन को सफल बनाया.
हिमाचल में खुशी की लहर
जैसे ही उनकी सफलता की खबर सुंदरनगर के बेच्छना गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई. ग्रामीणों, पूर्व सैनिकों और परिजनों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया. मंडी जिला ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश में इस उपलब्धि को गौरवपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है. युवाओं के लिए यह संदेश है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने इसे हिमाचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया.
नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह की यह सफलता भारतीय सेना के शौर्य और समर्पण का प्रतीक है. आज पूरा देश अपने इस वीर सपूत को सलाम कर रहा है, जिसने विश्व की सबसे कठिन चोटियों में से एक पर तिरंगा फहराकर भारत की शान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है.
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