हिमाचल में 32 साल बाद सबसे कम बारिश, कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस की मौजूदगी ने सूखा छोड़ दिया दिसंबर
हिमाचल में 124 सालों में 5 बार दिसंबर महीने में बारिश नहीं हुई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 2, 2026 at 7:37 AM IST
|Updated : January 2, 2026 at 10:46 AM IST
शिमला: हिमाचल में मौसम ने इस बार इतिहास के पन्नों में एक और कम बारिश होने का अध्याय जोड़ दिया है. देश के इस छोटे पहाड़ी राज्य में दिसंबर का महीना आमतौर पर बर्फबारी और अच्छी बारिश के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार बादल मानो रूठ गए. 32 सालों बाद दिसंबर महीने में महज 0.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो अपने आप में एक बड़ी मौसमीय घटना है. पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो 124 साल के मौसम इतिहास में पांच बार ही ऐसा हुआ है, जब दिसंबर में बारिश की बूंद तक नहीं गिरी है. यानी इस दौरान प्रदेश में 0.0 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है. वहीं, इस बार दिसंबर महीने में सबसे कम 0.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है. जो सामान्य से 99 फीसदी कम है. दिसंबर महीने में सामान्य बारिश का आंकड़ा 38.1 मिलीमीटर बारिश का है. इससे पहले साल 1993 में प्रदेश में 0.0 फीसदी बारिश रिकॉर्ड की गई थी.
वेस्टर्न डिस्टरबेंस की कमजोर मौजूदगी
पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति न केवल सामान्य औसत से बेहद कम है, बल्कि हिमाचल की जलवायु प्रणाली में हो रहे बड़े बदलावों की ओर भी इशारा करती है. आम तौर पर दिसंबर में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहते हैं, जो अपने साथ बारिश और बर्फबारी लेकर आता है, लेकिन इस बार वेस्टर्न डिस्टरबेंस की कमजोर मौजूदगी ने प्रदेश को करीब सूखा ही छोड़ दिया. इसका असर सिर्फ ठंड और बर्फ पर ही नहीं, बल्कि सेब जैसी नकदी फसलों, रबी फसलों की बुआई, जल स्रोतों और आने वाले महीनों की जल उपलब्धता पर भी पड़ सकता है. कुल मिलाकर, दिसंबर 2025 का यह असाधारण सूखापन हिमाचल के लिए सिर्फ एक मौसमीय आंकड़ा नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.
कब-कब नहीं गिरी बारिश की एक भी बूंद ?
हिमाचल में 124 सालों के मौसम विभाग के इतिहास में पांच बार ऐसा भी हुआ है, जब आसमान पूरी तरह से खामोश रहा. इतिहास के पन्नों में दर्ज साल 1902, साल 1907, साल 1925, साल 1939 और साल 1996 ऐसे दुर्लभ और चिंताजनक पल रहे, जब दिसंबर महीने में बारिश की एक भी बूंद जमीन तक नहीं पहुंची. 124 सालों के इस लंबे अंतराल में इन पांच सालों में ऐसा हुआ कि आसमान पर बादल तो आए, लेकिन बिना बरसे ही लौट गए. इस बार भी दिसंबर महीने में मात्र 0.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है. जो सिर्फ मौसम की असफलता नहीं है, बल्कि प्रकृति के बदलते मिजाज और मानव जीवन पर उसके गहरे प्रभाव चेतावनी है.

16 सालों में 5 बार सामान्य से ज्यादा बारिश
हिमाचल में अधिकतर सालों में दिसंबर महीने ने लोगों को निराश ही किया है. दिसंबर महीने में सामान्य बारिश का आंकड़ा 38.1 मिलीमीटर का है, लेकिन पिछले 16 सालों में दिसंबर महीने में सिर्फ 5 बार ही सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2010 में 61.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी. इसी तरह से साल 2011 में 9.6 मिलीमीटर, साल 2012 में 31.7 मिलीमीटर, साल 2013 में 25.4 मिलीमीटर, साल 2014 में 52 मिलीमीटर, साल 2015 में 26 मिलीमीटर, साल 2016 में 2 मिलीमीटर, साल 2017 में 48 मिलीमीटर, साल 2018 में 8 मिलीमीटर, साल 2019 में 50 मिलीमीटर, साल 2020 में 34 मिलीमीटर, साल 2021 में 18 मिलीमीटर, साल 2022 में 6.4 मिलीमीटर, साल 2023 में 6 मिलीमीटर, साल 2024 में 48.2 मिलीमीटर व साल 2025 में प्रदेश भर में 0.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है.

सामान्य से कब कितनी कम/अधिक बारिश ?
हिमाचल में 2010 से साल 2024 के बीच 16 सालों की अवधि में 10 बार सामान्य से कम बारिश और 5 बार सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई हैं. मौसम विभाग के मुताबिक 2010 में सामान्य से 41 फीसदी अधिक बारिश हुई थी. इसी तरह से साल 2011 में सामान्य से 78 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई थी. वहीं, साल 2012 में सामान्य से 26 फीसदी से कम, साल 2013 में सामान्य से 41 फीसदी कम, साल 2014 में सामान्य से 18 फीसदी अधिक, साल 2015 में सामान्य से 41 फीसदी कम, साल 2016 में सामान्य से 95 फीसदी कम, साल 2017 में सामान्य से 10 फीसदी अधिक, साल 2018 में सामान्य से 83 फीसदी कम, साल 2019 में सामान्य से 15 फीसदी अधिक, साल 2020 में सामान्य से 22 फीसदी कम, साल 2021 में सामान्य से 60 फीसदी कम, साल 2022 में सामान्य से 83 फीसदी कम, साल 2023 में सामान्य से 85 फीसदी कम, साल 2024 में सामान्य से 27 फीसदी अधिक व साल 2025 में 99 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है.
प्रदेश भर में आज से मौसम साफ
हिमाचल में नए साल पर लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू, कांगड़ा व मंडी जिले के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई. वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई. शिमला में भी दिनभर बादल छाए रहे. वहीं, इस दौरान जिले के कुछ क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई. कुछ स्थानों पर बारिश की हल्की बौछारों ने लोगों को ड्राई स्पेल से हल्की सी राहत दिलाई है. शिमला सिटी में दिन भर केवल बादल ही छाए रहे. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में आज से 7 जनवरी तक मौसम बिल्कुल साफ बना रहेगा. इस दौरान धूप खिलने से दिन के समय का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है.

