कौन हैं IPS अदिति सिंह? जिन्हें बार-बार छुट्टी लेने पर DGP ने सिखाया सबक
अदिति सिंह इस समय हिमाचल पुलिस में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो धर्मशाला में बतौर एसपी तैनात हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 7:01 AM IST
शिमला: मनमाने तरीके से अवकाश लेना युवा महिला आईपीएस अफसर अदिति सिंह को भारी पड़ा है. दरअसल महिला आईपीएस अदिति सिंह बार-बार अवकाश की अर्जी डालकर छुट्टी पर जा रही थीं. इस पर हिमाचल पुलिस के डीजीपी अशोक तिवारी ने एक आदेश जारी कर उनकी इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है.
डीजीपी अशोक तिवारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह के बार-बार अवकाश पर रहने से उनके कार्यालय के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था. उन्होंने तीन महीने के भीतर 24 दिन का अवकाश लिया है. इससे विभागीय कार्य प्रभावित हुआ है. ऐसे में एएसपी बीडी भाटिया को उनके पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है.
इस आदेश के मायने यह हैं कि आईपीएस अधिकारी का कार्यभार उनसे जूनियर अधिकारी को दिया गया है. इसे परोक्ष रूप से अदिति सिंह के लिए प्रतिकूल प्रशासनिक आदेश माना जा रहा है. डीजीपी की ओर से जारी आदेश में उनके अवकाश की अवधि का पूरा ब्यौरा भी दिया गया है.

उल्लेखनीय है कि अदिति सिंह 2021 बैच की हिमाचल प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से मेरठ (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली हैं. उनकी अब तक की प्रमुख नियुक्तियों में जनवरी 2024 में सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में एसडीपीओ के रूप में तैनाती शामिल है. इसके बाद उन्होंने धर्मशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में सेवाएं दीं. 5 नवंबर 2024 को उनका तबादला पुलिस अधीक्षक, स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (उत्तरी रेंज, धर्मशाला) के पद पर हुआ, जहां वे वर्तमान में तैनात हैं. बार-बार अवकाश पर जाने के कारण उनकी जगह जूनियर अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार देने का यह मामला अब विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है.
अवकाश के विवरण के अनुसार, अदिति सिंह ने इस साल 8 जनवरी से 11 जनवरी तक दो दिन की कैजुअल लीव ली और इसके बाद दो दिन सिक लीव पर रहीं. 12 जनवरी को एक दिन का अवकाश लिया. 16 जनवरी से 19 जनवरी के बीच तीन दिन का अवकाश लिया और इसके अतिरिक्त एक दिन की सिक लीव भी ली. इसी माह 8 फरवरी से 22 फरवरी तक वह 13 दिन के अर्जित अवकाश पर रहीं और फिर दो दिन की सिक लीव ली. लगातार अवकाश लेने से विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा था.
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