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2000 करोड़ की कमाई का सवाल, CM सुक्खू बोले- लैंड रेवेन्यू वसूलना हिमाचल का अधिकार, राहत के भी दिए संकेत

हिमाचल सरकार ने जलविद्युत परियोजनाओं पर 2 फीसदी लैंड रेवेन्यू लागू कर सालाना 1800 से 2000 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य रखा है.

HYDRO POWER DEVELOPERS MEETING HIMACHAL
CM सुक्खू ने हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के डवलपर्स के साथ की बैठक (FILE@ETVBHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 3, 2026 at 6:02 PM IST

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Updated : January 3, 2026 at 8:55 PM IST

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शिमला: हिमाचल सरकार ने राजस्व कमाने का एक नया तरीका निकाला है. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पहल पर सरकार ने हिमाचल में स्थापित जलविद्युत परियोजनाओं पर दो फीसदी लैंड रेवेन्यू लागू किया है. इससे अनुमानित 1800 से 2000 करोड़ रुपए सालाना की आय होने की संभावना है. इसी संदर्भ में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के डवलपर्स से मीटिंग की.

'लैंड रेवेन्यू हिमाचल का अधिकार'

सीएम सुक्खू ने मीटिंग में दो टूक कहा कि जलविद्युत परियोजनाओं से लैंड रेवेन्यू यानी भू-राजस्व की वसूली करना हिमाचल का अधिकार है. साथ ही कहा कि प्रोजेक्ट डवलपर्स का भी ये दायित्व बनता है कि वे लैंड रेवेन्यू अदा करें. अलबत्ता सीएम सुक्खू ने डवलपर्स को कुछ राहत के संकेत भी दिए.

युक्तिकरण पर विचार, डवलपर्स को राहत के संकेत

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार लैंड रेवेन्यू के युक्तिकरण पर विचार कर सकती है. मीटिंग में राज्य भर में स्थापित जलविद्युत परियोजनाओं के डवलपर्स शामिल हुए. इस दौरान सीएम सुक्खू ने लैंड रेवेन्यू यानी भू-राजस्व के विशेष मूल्यांकन पर डवलपर्स के साथ विस्तार से चर्चा की.

'प्राकृतिक संसाधनों पर राज्य का हक'

सीएम ने डवलपर्स से कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रचुर प्राकृतिक संसाधन हैं. यहां नदियों में बहता पानी एक मूल्यवान एसेट है. ऐसे में जल विद्युत् परियोजना डवलपर्स का भी ये फर्ज है कि हिमाचल को भू-राजस्व (लैंड रेवन्यू) अदा करें.

सीएम सुक्खू ने कहा कि आगामी 12 जनवरी को शिमला में राजस्व मंत्री जगत नेगी के साथ 25 मैगावाट क्षमता की जल विद्युत् परियोजना डवलपर्स की मीटिंग आयोजित की जाएगी. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के लिए सुनिश्चित संसाधनों का सदुपयोग यहां के निवासियों के लिए करेगी.

CM ने उठाया बीबीएमबी एरियर का मुद्दा

सीएम ने मीटिंग में जानकारी दी कि पड़ोसी राज्यों से अपने हक लेने के लिए सरकार ने मजबूती से हिमाचल का पक्ष रखा है. उन्होंने कहा कि राज्य ने बीबीएमबी परियोजनाओं में प्रदेश को स्थाई सदस्यता के अलावा वर्ष 1966 से वर्ष 2011 तक के एरियर के लगभग 6500 करोड़ रुपये शीघ्र जारी करने की मांग की है.

188 परियोजनाओं से आएगा 2000 करोड़ तक राजस्व

उल्लेखनीय है कि हाल ही में हिमाचल सरकार ने जलविद्युत परियोजनाओं पर दो फीसदी लैंड रेवेन्यू लागू किया है. प्रदेश में क्रियाशील 188 परियोजनाओं को ये रेवेन्यू देना होगा. इससे अनुमानित 1800 से 2000 करोड़ रुपए सालाना राजस्व आएगा.

वहीं, इससे पहले वाटर सेस का मामला कोर्ट में गया था और परियोजना डवलपर्स के विरोध के बाद अदालत से भी वाटर सेस को लेकर फैसला आया था. अब सरकार ने कमाई का ये जरिया निकाला है.

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Last Updated : January 3, 2026 at 8:55 PM IST