अभिषेक मनु सिंघवी के राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने का मामला, हाईकोर्ट में अब 10 मार्च को होगी सुनवाई
राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने वाली अभिषेक मनु सिंघवी की याचिका पर अब 10 मार्च को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 3:34 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में बुधवार को अभिषेक मनु सिंघवी की राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में रिजॉइंडर फाइल किया गया है. अब इस मामले पर दोनों पक्षों में बहस होनी है. मामले में 10 मार्च को अगली सुनवाई होगी. हिमाचल हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति विपिन चंद्र नेगी की अदालत इस मामले पर सुनवाई कर रही है.
मामले में अब दोनों पक्ष अदालत के सामने रखेंगे दलीलें
बुधवार को इस मामले आज अधिवक्ता अभिषेक मनुसिंघवी के वकील ने अदालत को रिजॉइंडर दे दिया गया है. इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही इश्यू फ्रेम कर चुका है. मामले में अब तक प्रतिवादी भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन की ओर से याचिका का जवाब दे दिया गया है. जिस पर आज याचिकाकर्ता की ओर से रिजॉइंडर फाइल किया गया है. अब इस मामले में अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी. हिमाचल हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति विपिन चंद्र नेगी की अदालत में मामला 10 मार्च के लिए लिस्ट किया गया है.
सिंघवी ने पर्ची सिस्टम से विजय घोषित करने के नियम को दी है चुनौती
अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पर्ची सिस्टम से विजय घोषित करने के नियम को हिमाचल हाईकोर्ट में चुनौती दी है. सिंघवी की दलील है कि वर्तमान में नियम के अनुसार जब मुकाबला बराबरी पर होने की स्थिति में पर्ची पर जिस व्यक्ति का नाम निकलता है, उसे विनर डिक्लेयर होना चाहिए. मगर अभी जिसके नाम की पर्ची निकलती है, उसे हारा हुआ डिक्लेयर किया गया है. सिंघवी का तर्क है कि यह धारणा कानूनी रूप से गलत है.
फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में पर्ची सिस्टम से हारे थे शिंगवी
साल 2024 के फरवरी महीने में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद लक्की ड्रा से चुनाव हार गए थे. 27 फरवरी को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में हुई वोटिंग में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन को बराबर मत पड़े. इसके बाद पर्ची सिस्टम से हर्ष महाजन को राज्यसभा चुनाव में जीत मिली थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी पर्ची सिस्टम के ख़िलाफ़ हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय पहुंचे.
ये भी पढ़ें: शिमला MC मेयर का कार्यकाल बढ़ाने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

