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हिमाचल में पंचायत चुनाव पर फैसला आज, हाईकोर्ट पर टिकी सबकी नजरें

हिमाचल में पंचायत चुनाव में देरी मामले को लेकर आज हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट फैसला सुनाएगा.

Himachal High Court
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 7:38 AM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव मामले में आज, शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. मामला शुक्रवार को डिवीजन बेंच एक में फैसला सुनाने के लिए लिस्ट है. न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ इस मामले पर अपना फैसला सुनाएगी. बुधवार को न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ में मामले में सुनवाई पूरी हुई. इससे पहले मामला चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने भी सुना था. इसके बाद CJ कोर्ट ने मामले को डिवीजन बेंच एक यानी न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की अदालत के सामने रखने के आदेश दिए थे.

7 जनवरी को अदालत ने रिजर्व किया था फैसला

अधिवक्ता डिक्कन कुमार और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की. डिवीजन बेंच एक में इस मामले पर लगातार दो दिन तक बहस हुई. बुधवार को इस मामले पर दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी की गई. इसके बाद मामला न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. इससे पहले इस मामले पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जियालाल भारद्वाज की डिवीजन बेंच ने भी सुनवाई की थी.

पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी के आरोप

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अधिवक्ता डिक्कन ठाकुर और अन्य की ओर से याचिका दायर की गई है. याचिका में आरोप है कि हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी की जा रही है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि 31 जनवरी को पंचायत का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन अब तक पंचायत चुनाव को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं की गई है. जबकि कानून है कि पंचायत का कार्यकाल पूरा होने से 6 महीने पहले चुनाव को लेकर तैयारी करना जरूरी है, लेकिन अब तक चुनाव आयोग की ओर से सिर्फ एक सेक्शन आदर्श आचार संहिता का लगाया गया है. मामले में हिमाचल सरकार और राज्य चुनाव आयोग को पार्टी बनाया गया है.

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