हाईकोर्ट की सख्ती, चिट्टा तस्कर शाही महात्मा सहित तीन अन्य की जमानत याचिकाएं खारिज
शाही महात्मा हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी गिरोह चलाता था. वह दिल्ली से चिट्टा लेकर हिमाचल में सप्लाई करता था.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 9:36 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुख्यात चिट्टा तस्कर शाही महात्मा व तीन अन्य की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं. अदालत ने शाही महात्मा सहित अन्य तस्कर निशांत चौहान, दीपक शर्मा व हितेश ठाकुर की जमानत याचिकाएं खारिज की हैं. ये सभी आरोपी समानता का तर्क लेकर खुद के लिए जमानत चाह रहे थे. इनका कहना था कि ट्रायल कोर्ट ने कुछ सह-आरोपियों को जमानत पर रिहा किया है. अत: समानता के आधार पर उन्हें भी जमानत दी जाए, लेकिन हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीरेंद्र सिंह ने याचिकाओं को खारिज कर दिया.
हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट शिमला ने जिन आरोपियों को जमानत पर रिहा किया है, उस फैसले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 (1)(बी) (2) के प्रावधानों का उल्लेख करने की जहमत नहीं उठाई. प्रार्थियों ने कहा कि उनके पास से कोई प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ है और ट्रायल कोर्ट ने चार्ज पर विचार करते समय, जमानत के आवेदकों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत दंडनीय अपराध से बरी कर दिया है. उन्हें इस मामले में खुलासे के बयान, इकबालिया बयान या वित्तीय लेनदेन के आधार पर फंसाया गया है.
दिल्ली से हिमाचल तक चिट्टा सप्लाई का नेटवर्क
वहीं, अभियोजन पक्ष के अनुसार जांच के दौरान एक अन्य आरोपी मुद्दसिर अहमद मोची ने खुलासा किया था कि वह चिट्टा/हेरोइन बेचने का धंधा करता है. मोची ने बताया कि वे सभी शाही महात्मा के साथ अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं. उसने बताया कि वह प्रदीप रांटा नामक व्यक्ति के साथ मिलकर दिल्ली से चिट्टा लाता था और उसे शाही महात्मा को देता था. फिर तस्कर शाही महात्मा पेडलर्स के माध्यम से उसे रोहड़ू इलाके में बेचता था. कभी-कभी पेडलर्स पिंजौर में शाही महात्मा के घर से चिट्टा ले जाते थे.
अंडरवियर से मिला था 468 ग्राम चिट्टा
मोची के अनुसार, शाही महात्मा उसी घर/कमरे से धंधा करता है. मुद्दसिर अहमद मोची ने यह भी खुलासा किया था कि आरोपी शाही महात्मा, मोबाइल फोन लोकेशन के माध्यम से चिट्टा खरीदने वालों को नशा बेचता था. उल्लेखनीय है कि तस्करी के आरोपी मुद्दसिर अहमद मोची के अंडरवियर से एक काले रंग का प्लास्टिक का लिफाफा मिला था. लिफाफे को खोलने पर उसमें 468.380 ग्राम चिट्टा/हेरोइन पाई गई.
आठ महीने से चल रहा था नशे का धंधा
जांच के दौरान शाही महात्मा ने खुलासा किया था कि पिछले 8 महीनों से वह चिट्टा बेचने का धंधा कर रहा है. शाही महात्मा ने बताया था कि हरेंद्र और प्रदीप कुमार भी चिट्टा तस्करी में शामिल हैं. आरोपी मुदस्सिर अहमद मोची और प्रदीप कुमार कभी दिल्ली तो कभी करनाल से चिट्टा खरीदते थे और उसे पिंजौर में शाही महात्मा के कमरे में उसे देते थे. वहां से मुद्दसिर अहमद मोची उस चिट्टे को रोहड़ू में सप्लाई करता था. मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि 468.368 ग्राम प्रतिबंधित नशीला पदार्थ आरोपी मुदस्सिर अहमद मोची से बरामद किया गया है. ऐसे मामलों में आरोपियों को जमानत पर रिहा करना कानून सम्मत नहीं होगा.
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