ETV Bharat / state

HC का आदेश, NDPS मामलों में पकड़े आरोपियों को हिंदी में दें हिरासत से जुड़ी जानकारी

हिमाचल हाईकोर्ट ने NDPS मामलों में पकड़े गए आरोपियों को हिंदी में हिरासत से जुड़ी जानकारी देने का आदेश जारी किया है.

Himachal High Court
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (FILE@ETVBHARAT)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 5, 2026 at 10:55 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: यदि कोई व्यक्ति नशे की तस्करी में पकड़ा जाता है तो उसे हिरासत में लेने से पहले सारी जानकारी हिंदी में दी जाए. एनडीपीएस यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टांसिज एक्ट के मामलों में पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लेने से जुड़ी जानकारी उनकी अपनी भाषा खासकर हिंदी में दी जाए. ये आदेश हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जारी किए हैं.

याचिका पर सुनवाई के दौरान आदेश

दरअसल, हाईकोर्ट ने एनडीपीएस एक्ट के तहत एक आरोपी की याचिका का निपटारा किया. याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर व न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने उक्त आदेश जारी किए.

हिरासत की जानकारी हिंदी में देना अनिवार्य

खंडपीठ ने कहा कि आरोपी को दी जाने वाली जानकारी में उसे हिरासत की जगह या जगह की प्रकृति बताना जरूरी है. उसे ये सब हिंदी भाषा में बताया जाए कि सरकार द्वारा एनडीपीएस एक्ट की धारा-3 के तहत पारित हिरासत आदेश का पालन किया जा रहा है.

प्रभावी प्रतिनिधित्व पर जोर

हाईकोर्ट ने कहा कि हिरासत के कारणों की जानकारी उस भाषा में दी जानी चाहिए जो व्यक्ति विशेष जानता हो, ताकि वह प्रभावी प्रतिनिधित्व कर सके. हिमाचल प्रदेश में हिरासत आदेश राज्य की आधिकारिक भाषा हिंदी में बताया जाना चाहिए. हिंदी भाषा को यहां रहने वाले सभी नागरिक समझते हैं. हिरासत के कारणों की कॉपी हिंदी के अलावा उस भाषा में भी दी जा सकती है, जिसे व्यक्ति समझता हो.

अधिकारों की लिखित जानकारी देने के निर्देश

न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर की अगुवाई वाली खंडपीठ ने सरकार को यह भी आदेश दिए कि वह हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उसके अधिकार के बारे में हिंदी व उसकी जानकारी वाली भाषा में लिखित रूप से बताए.

खंडपीठ ने इन आदेशों की अनुपालना का जिम्मा राज्य सरकार के गृह विभाग के प्रधान सचिव को दिया है. राज्य सरकार के प्रधान गृह सचिव इन सभी हिदायतों की अनुपालना सुनिश्चित करेंगे.

ये भी पढ़ें: हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों की सीनियरिटी और सेवा शर्तों का मामला, HC ने सुरक्षित रखा फैसला