ETV Bharat / state

शिमला जिला परिषद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव 10 सितंबर को, हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक कानूनी व्यवस्था में डीसी शिमला को जारी किए कड़े निर्देश

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला जिला परिषद के चुनाव दस सितंबर को करवाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं.

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 21, 2026 at 9:40 PM IST

|

Updated : August 21, 2026 at 10:04 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला जिला परिषद के चुनाव दस सितंबर को करवाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं. अदालत ने डीसी शिमला को सख्त आदेश जारी करते हुए जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव दस सितंबर को करवाने के लिए कहा है. यही नहीं, हाईकोर्ट ने इस मामले में बेहद अहम और ऐतिहासिक कानूनी व्यवस्था दी है. हाईकोर्ट ने कहा कि बेशक पहली मीटिंग में कोरम पूरा न हो और यदि चुनाव की पहली बैठक स्थगित हो जाए तो भी कानूनी रूप से उस पहली बैठक ही माना जाएगा.

अदालत ने कहा कि इसके बाद होने वाली आगामी बैठक को दूसरी बैठक माना जाएगा. दूसरी बैठक के लिए दो तिहाई के बजाय केवल साधारण बहुमत का कोरम ही अनिर्वाय होगा. इस तरह हाईकोर्ट ने शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में ऐतिहासिक कानूनी व्यवस्था दी है. ये व्यवस्था हाईकोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ ने दी है. न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ ने इस मामले में नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य ममता व अन्यों की तरफ से दाखिल की गई याचिका डीसका निपटारा की शिमला को 10 सितंबर को जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव संपन्न करवाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं.

उल्लेखनीय है कि शिमला जिला परिषद के कुल 25 वार्ड के लिए मई महीने में चुनाव हो चुके हैं. इस चुनाव के परिणाम 31 मई 2026 को घोषित किए गए थे. निर्वाचित सदस्यों को तो 6 जून को पद की शपथ तो दिला दी गई, लेकिन उस दिन अध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया गया. इसके बाद डीसी शिमला ने 3 अगस्त को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बैठक बुलाई. हालांकि, इस बैठक में एक भी निर्वाचित सदस्य उपस्थित नहीं हुआ. इस कारण कारण कोरम पूरा न होने पर बैठक स्थगित कर दी गई. मामले ने सियासी तूल पकड़ा और भाजपा ने विरोध प्रदर्शन भी किया. इसके बाद जिला परिषद के 13 निर्वाचित सदस्यों ने याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

याचिका में आरोप लगाया गया कि जिला शिमला प्रशासन जानबूझकर चुनाव टाल रहा है. वहीं, जिला प्रशासन ने अदालत में कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र, स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों और वीआईपी प्रोटोकॉल का काम है और इसका हवाला देकर चुनाव टालने की दलील दी. हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन की इस दलील को सिरे से नकारते हुए इसे लचर दलील बताया.

अब हाईकोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ ने कहा कि 10 सितंबर को होने वाली बैठक को कानूनन दूसरा बैठक माना जाएगा. इस दूसरी बैठक के लिए अब दो-तिहाई कोरम की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि कुल 25 सदस्यों में से साधारण बहुमत यानी 13 सदस्यों की उपस्थिति से ही चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. जो सदस्य जानबूझकर इस आगामी बैठक से अनुपस्थित रहेंगे, उनके खिलाफ हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम की तय धाराओं के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. अदालत ने साथ ही निर्देश दिया कि इस बारे में स्पष्ट चेतावनी चुनाव नोटिस में दी जाए.

ये भी पढ़ें: ग्रीन बेल्ट में अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त, वन विभाग की मिलीभगत की आशंका, सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस

Last Updated : August 21, 2026 at 10:04 PM IST