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गगल एयरपोर्ट मामला: भू-अधिग्रहण से सरकारी खजाने को हुआ नुकसान, तो अथॉरिटी को भुगतने होंगे गंभीर परिणाम: HC

गगल एयरपोर्ट मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है.

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 24, 2026 at 9:42 PM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण से जुड़े मामले में एक बार फिर तीखी टिप्पणी की है. उच्च अदालत ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि इस मामले में याचिका के लंबित रहते हुए अगर भू-अधिग्रहण के कारण सरकारी खजाने को कोई भी नुकसान पहुंचता है, तो इस मामले से संबंधित अथॉरिटी और व्यक्तियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

अदालत ने ये टिप्पणी मंगलवार को हिमाचल हाईकोर्ट में हुई मामले की सुनवाई के दौरान की. प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है. कांगड़ा जिले में स्थित गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से जुड़ा मामला हिमाचल हाईकोर्ट में विचाराधीन है. इस मामले में हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच एक के सामने कल बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी सुनवाई जारी रहेगी.

याचिकाकर्ता की दलील पर HC की तीखी टिप्पणी

हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े एयरपोर्ट कांगड़ा गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण से जुड़े इस मामले पर सुनवाई चल रही है. मंगलवार को मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दलील दी कि आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के बिना ही राज्य सरकार गगल एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि का वितरण करने जा रही है. याचिकाकर्ता ने दलील दी अगर तकनीकी या दूसरे कारणों से परियोजना को समाप्त करना पड़ता है, तो सार्वजनिक धन की भारी बर्बादी होगी.

भूमि अधिग्रहण के मुआवजा का वितरण करने बड़ी संख्या में लोगों होगा और बाद में इसे लोगों से वसूलना असंभव हो जाएगा. इसको देखते हुए न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने संबंधित अथॉरिटी और लोगों को ऐसी परस्थिति के लिए सचेत किया है. इससे पहले भी हाईकोर्ट ने इस मामले में कहा था कि याचिका के लंबित रहने के दौरान केंद्र व राज्य सरकार की ओर से भू अधिग्रहण के अवार्ड पारित करने समेत की गई कोई भी कार्रवाई मामले में पारित अंतिम आदेशों पर निर्भर करेगी. बीते साल 1 मई 2025 को भी इस मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के संबंधित अधिकारी की उदासीनता पर तीखी टिप्पणी की थी.

साल की शुरुआत में प्रभावितों को मुआवजा मिलने में आई तेजी

इसी साल जनवरी महीने में सरकार ने गगल स्थित कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए सरकार ने लगभग 1000 करोड़ रुपये जारी किए थे. दिसंबर 2025 को यह राशि कांगड़ा प्रशासन के खाते में ट्रांसफर की गई थी. इस राशि को प्रभावितों को मुआवजे के रूप में दिया जाना था. इस साल जनवरी महीने से प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलना भी शुरू हो गया था.

अथॉरिटीज के मुताबिक एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की एवज में प्रभावित परिवारों को कुल अनुमानित मुआवजा 2500 करोड़ रुपए दिया जाना है. अब तक लगभग 1500 करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा दिया जा चुका है. इसके अलावा लगभग 1000 करोड़ रुपये का भुगतान शेष है. मुआवजा वितरण की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है.

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