अब 'मी लॉर्ड' भी करेंगे कार पूल, हिमाचल हाइकोर्ट के जज बचाएंगे ईंधन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सर्कुलर जारी किया है, जिसके अनुसार 50 फीसदी कर्मचारी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्राम होम करेंगे.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 18, 2026 at 6:47 PM IST
शिमला: विश्व में ऊर्जा संकट के चलते पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद शिमला से बड़ी खबर सामने आई है. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ईंधन बचाने और खर्चों में कटौती करने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग और सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी सर्कुलर के आधार पर हाईकोर्ट कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जो तुरंत प्रभाव से लागू होंगे. हाईकोर्ट ने उच्च न्यायालय न्यायाधीशों से भी कार पूलिंग को बढ़ावा देने के लिए कहा है.
हाईकोर्ट की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि ईंधन की बचत और संसाधनों के सही उपयोग को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश अब कार पूलिंग व्यवस्था को बढ़ावा देंगे. यानी अब जरूरत के मुताबिक एक ही वाहन में एक से अधिक जज सफर कर सकेंगे. ताकि फ्यूल की खपत को कम किया जा सके. इसके अलावा सर्कुलर के अनुसार अब प्रत्येक शाखा और सेक्शन में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन तक वर्क फ्रॉम होम की अनुमति भी दी गई है. हालांकि, इसके लिए संबंधित रजिस्ट्रार की मंजूरी जरूरी होगी. साथ ही इस बात का ख्याल रखना को कहा गया है कि कार्यालय का काम प्रभावित न हो और बाकी कर्मचारी दफ्तर में मौजूद रहें.

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति मिलेगी, उन्हें फोन पर हर समय उपलब्ध रहना होगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्यालय पहुंचना पड़ेगा. संबंधित रजिस्ट्रार हर सप्ताह रोस्टर तैयार करेंगे. ताकि कामकाज सुचारु रूप से चलता रहे. सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि अगर किसी शाखा में काम की प्रकृति को देखते हुए वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था संभव नहीं है, तो संबंधित रजिस्ट्रार उसे सीमित या समाप्त भी कर सकते हैं.
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