हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों की सीनियरिटी से जुड़ा मामला, हाईकोर्ट में आज फिर सुनवाई
सरकारी कर्मचारियों की सीनियरिटी से जुड़े मामले में हिमाचल हाईकोर्ट में आज तीसरे दिन होगी सुनवाई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 31, 2025 at 9:22 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की सीनियरिटी और वित्तीय लाभ से जुड़े मामले में आज हाई कोर्ट में सुनवाई होगी. हाई कोर्ट में हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती व सेवा शर्तें विधेयक 2024 को चुनौती दी गई है. विधायक को चुनौती देने वाली इस याचिका पर न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है. आज इस मामले में लगातार तीसरे दिन हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. मामले में अभी महाधिवक्ता की ओर से सरकार के पक्ष में बहस की जा रही है.
मामले में अभी राज्य की ओर से बहस जारी
इस मामले में अब तक याचिकाकर्ता अपनी ओर से बहस पूरी कर चुका है. इसके बाद स्टेट की ओर से AG इसी इस मामले में बहस कर रहे हैं. आज हिमाचल हाईकोर्ट में फिर सुनवाई होनी है, जिसमें AG स्टेट की ओर से बहस पूरी कर सकते हैं. हाईकोर्ट में इस मामले पर बहस का आज लगातार तीसरा दिन है. बीते कल हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने AG से आर्गुमेंट पूरे करने को कहा. AG ने अदालत से बहस पूरी करने के लिए एक घंटे का वक्त मांगा था. इस पर अदालत ने सुनवाई को आज 31 दिसंबर के लिए लिस्ट कर दिया. न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रोमेश वर्मा की खंडपीठ आज इस मामले पर फिर सुनवाई करेगी.
सरकारी कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों के विधायक को मिली है चुनौती
साल 2024 के दिसंबर महीने में शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक-2024 पारित किया था. इस विधेयक के पारित होने से 2003 के बाद नियमित होने से पहले अनुबंध अवधि काटने वाले व्यक्तियों को बैक डेट से वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा. ऐसे में प्रदेश सरकार के हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक-2024 को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है. इससे पहले प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के अनुबंध की समय अवधि अलग-अलग होने के बाद वरिष्ठता और वित्तीय लाभ को लेकर सरकारी कर्मचारी अदालत पहुंचे थे. जिसमें हिमाचल हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नियुक्ति की तारीख से भी वित्तीय लाभ देने का फैसला सुनाया था.

