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ऑन ड्यूटी सरकारी कर्मी को धमकाने के आरोपी को राहत से इनकार, जानिए क्या है मामला?

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऑन ड्यूटी सरकारी कर्मी को धमकाने के आरोपी को राहत से देने से किया इनकार.

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 26, 2026 at 10:26 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ऑन-ड्यूटी सरकारी कर्मचारी को धमकाने, बुरा व्यवहार करने और जांच प्रक्रिया में बाधा डालने के आरोपी ट्रैफिक पुलिसकर्मी को राहत देने से इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज ने इस मामले में याचिका को खारिज करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अदालत के सामने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करता है और साफ नीयत से नहीं आता, वह किसी भी राहत का हकदार नहीं है.

मामले के अनुसार जून 2009 में काला अंब ट्रैफिक पुलिस में तैनात याचिकाकर्ता के भाई को नाहन पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. इस बात से नाराज होकर याचिकाकर्ता ने नाहन के 'कच्चा टैंक' पुलिस चौकी के प्रभारी के साथ गाली-गलौज और बदतमीजी की. इसके बाद जब एएसआई गवाहों के बयान दर्ज करने मोहल्ला गोविंदगढ़ पहुंचे, तो याचिकाकर्ता ने भीड़ जुटा कर उन पर हमला करने की कोशिश की. इस अभद्र व्यवहार पर विभाग ने उस पर विभागीय जांच बिठाई और उसकी 5 साल की स्वीकृत सेवा जब्त करने की सजा सुनाई.

कोर्ट ने माना कि एक अनुशासित बल का हिस्सा होने के नाते पुलिसकर्मी का यह कृत्य बेहद शर्मनाक था. पहले विभाग उसे नौकरी से बर्खास्त करने वाला था, लेकिन भविष्य को देखते हुए केवल 5 साल की सेवा जब्त करने का जो नरम फैसला लिया गया, वह पूरी तरह वैध और न्यायसंगत है.