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CBSE स्कूलों में शिक्षकों और प्रिंसिपल की नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को जवाब के देने लिए दिया 2 सप्ताह का समय

हाईकोर्ट ने हिमाचल सीबीएसई स्कूल भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए. अदालत ने सरकार को स्टेटस-रिपोर्ट के लिए 2 सप्ताह का दिया समय.

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : September 2, 2026 at 5:43 PM IST

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शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सीबीएसई से संबद्ध स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में शिक्षकों और प्रिंसिपलों की भर्ती एवं तैनाती प्रक्रिया को नियमों के अनुसार जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं. न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय प्रदान किया है.

मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी. पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि राज्य सरकार को सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और प्रिंसिपलों के चयन एवं नियुक्ति की प्रक्रिया 11 फरवरी 2026 की अधिसूचना के तहत सब-कैडर योजना के भाग-ए के क्लॉज 5.5 के प्रावधानों और राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार ही कड़ाई से पूरी करनी होगी. अदालत ने स्पष्ट किया कि चयन और नियुक्ति में निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है.

हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि जो पात्र शिक्षक या प्रिंसिपल चयन प्रक्रिया के तहत आते हैं और जिनकी तैनाती अभी तक नहीं हुई है, उन्हें जल्द से जल्द संबंधित सीबीएसई स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में तैनात किया जाए. अदालत ने राज्य सरकार को आगामी सुनवाई से पहले विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था. इस रिपोर्ट में शिक्षकों और प्रिंसिपलों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या, वर्तमान में रिक्त पदों का आंकड़ा, उपलब्ध अभ्यर्थियों की संख्या और पोस्टिंग के लिए लंबित उम्मीदवारों की कुल संख्या का विवरण देना होगा. अदालत के निर्देश का उद्देश्य स्कूलों में स्वीकृत पदों और वास्तविक तैनाती की स्थिति को स्पष्ट करना है.

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया. अदालत ने सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए दो सप्ताह का समय दे दिया और पूर्व में जारी अंतरिम आदेशों को जारी रखने के निर्देश दिए. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में पात्र पाए गए शिक्षकों और प्रिंसिपलों की तैनाती में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए. अब राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले अपना विस्तृत जवाब और स्टेटस रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी. मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को निर्धारित की गई है. उस दौरान अदालत शिक्षकों और प्रिंसिपलों के स्वीकृत पदों, रिक्तियों, उपलब्ध पात्र अभ्यर्थियों और लंबित पोस्टिंग की स्थिति से संबंधित सरकार की रिपोर्ट पर विचार करेगी.

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