30 जून तक दिखे नतीजे, वरना होगी कार्रवाई, एचपी शिवा परियोजना में सुस्ती पर मंत्री जगत नेगी का बड़ा अल्टीमेटम
परियोजना के किसी भी कार्य में अब समय-सीमा का विस्तार स्वीकार नहीं होगा और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों- एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 23, 2026 at 8:06 AM IST
शिमला: एचपी शिवा परियोजना के कार्यों में हो रही देरी और कुछ ठेकेदारों के कमजोर प्रदर्शन पर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 30 जून तक संतोषजनक प्रगति नहीं दिखी तो कमजोर प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ उनके कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त कर दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि, परियोजना के किसी भी कार्य में अब समय-सीमा का विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा और देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी.
मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मंडी और ऊना जिलों में संचालित एचपी शिवा परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया. इस बैठक में मंडी जिले के 98 क्लस्टरों में करीब 1085 हेक्टेयर और ऊना जिले के 12 क्लस्टरों में करीब 224 हेक्टेयर क्षेत्र में चल रही गतिविधियों, सिविल कार्यों, गुणवत्ता मानकों और सामने आ रही चुनौतियों पर चर्चा हुई.

लापरवाही पड़ेगी भारी
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बागवानी विभाग के अधिकारियों को परियोजना कार्यों की प्रतिदिन निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि, "ठेकेदारों की लापरवाही पर अनुबंध की शर्तों के तहत प्रशासनिक कार्रवाई और आर्थिक दंड दोनों लगाए जाएं. परियोजना के सफल क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस बैठक में पौध स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर भी जिम्मेदारियां तय की गईं. सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट और प्रबंधन विशेषज्ञ किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह जवाबदेह होंगे."

जल शक्ति विभाग को दिए ये निर्देश
इसके अलावा जल शक्ति विभाग और राज्य विद्युत बोर्ड को परियोजना स्थलों पर समयबद्ध जल एवं बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि, पूर्ण हो चुकी उठाऊ सिंचाई योजनाओं का हस्तांतरण करने से पहले जल शक्ति विभाग उन्हें एक माह तक स्वयं संचालित कर उनकी कार्यक्षमता की जांच करे. बागवानी मंत्री ने सभी विभागों, ठेकेदारों और परामर्शी संस्थाओं से बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि, एचपी शिवा परियोजना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके सभी कार्य उच्चतम गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए.
ये भी पढ़ें: हिमाचल के प्री-2016 पेंशनरों को जुलाई 2026 में मिलेगा बकाया एरियर, सरकार ने जारी किया आदेश
ये भी पढ़ें: पंचायतों के लिए बड़ी अपडेट, 15 अगस्त तक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी विकास योजनाएं

