मनरेगा पर हिमाचल में होगा बड़ा आंदोलन, CM सुक्खू ने किया ऐलान
हिमाचल सरकार मनरेगा पर बड़ा आंदोलन करने जा रही है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खुद इस बात का ऐलान किया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 21, 2025 at 4:40 PM IST
|Updated : December 21, 2025 at 6:22 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मनरेगा योजना को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए बदलावों और कटौती के विरोध में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है. सीएम सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल सरकार इन बदलावों के खिलाफ प्रतीकात्मक अनशन करेगी, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल शामिल होगा. सरकार इसे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई बता रही है.
मनरेगा पर केंद्र सरकार के फैसलों से नाराज हिमाचल सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए बदलावों से इस योजना की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार धीरे-धीरे मनरेगा को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही हैे. इसी के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने संसद से लेकर सड़क तक आंदोलन की रणनीति तैयार की है.
'मनरेगा कांग्रेस की ऐतिहासिक योजना'
सीएम सुक्खू ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस सरकार की एक ऐतिहासिक और जनहितकारी योजना है. इसकी नींव पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की दूरदर्शी सोच से रखी गई थी. यह योजना ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए रोजगार की सबसे बड़ी गारंटी बनी.
'कोरोना काल में मनरेगा बना गरीबों का सहारा'
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब पूरे देश में रोजगार के साधन बंद हो गए थे, उस समय मनरेगा ने करोड़ों परिवारों को जीवनयापन का सहारा दिया. ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा ने लोगों को अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया और पलायन को रोकने में अहम भूमिका निभाई.
केंद्र की कटौती से हिमाचल को भारी नुकसान
सीएम सुक्खू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा बजट और नियमों में की गई कटौती से हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाई है, लेकिन केंद्र की नीतियों के कारण योजना प्रभावित हो रही है.
मंत्रिमंडल के साथ अनशन का ऐलान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह गंभीर है. मनरेगा के समर्थन में आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मंत्रिमंडल के सदस्य भी अनशन पर बैठेंगे. इसकी औपचारिक घोषणा जल्द की जाएगी.
सीएम सुक्खू ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, रोजगार और विकास से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी. मनरेगा को कमजोर करने की हर कोशिश का डटकर विरोध किया जाएगा और गरीब व मजदूर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए सरकार हर स्तर पर संघर्ष करेगी.
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