शिकायत लंबित रखी तो मुश्किल में पड़ेंगे TCP अफसर, जानिए क्या है नए नियम?
हिमाचल सरकार ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के तहत शिकायतों के निपटारे के लिए नए नियम बनाए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 11, 2026 at 10:04 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) से जुड़ी शिकायतों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. आम लोगों को समयबद्ध राहत देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए अब हर शिकायत का 30 दिनों के भीतर समाधान अनिवार्य कर दिया गया है. तय समय सीमा में निवारण न होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी. नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विभाग ने पारदर्शिता और जन समस्याओं का समयबद्ध निवारण करने के लिए शिकायत निवारण प्रणाली के तहत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य टीसीपी से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए एक पारदर्शी तंत्र तैयार करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो सके.
यहां दर्ज कराएं शिकायत
इस प्रणाली के तहत डिविजनल टाउन प्लानिंग ऑफिस में डिविजनल टाउन प्लानिंग ग्रिवेन्सिस रिड्रेसल अथॉरिटी का गठन किया गया है. यहां लोग टाउन एंड कंट्री प्लानर के पास अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं. वहीं, समाधान से संतुष्ट न होने की स्थिति पर स्टेट टाउन प्लानर के पास अपील दर्ज की जा सकती है. सब-डिविजनल टाउन प्लानिंग ऑफिस में सब-डिविजनल टाउन प्लानिंग ग्रिवेन्सिस रिड्रेसल अथॉरिटी गठित की गई है. जिसमें असिस्टेंट टाउन प्लानर के पास शिकायतें दर्ज करवाई जा सकती हैं. समाधान से संतुष्ट न होने की स्थिति में टाउन एंड कंट्री प्लानर को अपील की जा सकती है. चंबा, ऊना और बिलासपुर जिले में डिविजनल टाउन प्लानिंग ऑफिस न होने की स्थिति में चंबा के लोग टाउन एंड कंट्री प्लानर धर्मशाला, ऊना के लोग टाउन एंड कंट्री प्लानर हमीरपुर और बिलासपुर जिले के लोग टाउन एंड कंट्री प्लानर मंडी को अपनी शिकायतें प्रेषित कर सकते हैं. इसके अलावा टाउन प्लानिंग ऑफिस में टाउन प्लानिंग ऑफिस ग्रिवेन्सिस रिड्रेसल अथॉरिटी में लोग प्लानिंग ऑफिसर को अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं और समाधान से संतुष्ट न होने की स्थिति में टाउन एंड कंट्री प्लानर के पास शिकायत दर्ज की जा सकती है.
ये समय सीमा की गई तय
टीसीपी के प्रवक्ता ने बताया कि प्राधिकरण को 15 कार्य दिवसों के अंदर जन शिकायतों को सुनना होगा और 30 कार्य दिवसों के भीतर उनका निवारण करना होगा. शिकायतों के निवारण न होने की स्थिति में प्राधिकरण 5 कार्य दिवसों के भीतर शिकायतों को आगामी कार्यवाही को प्रेषित करेगा. अपीलीय प्राधिकरण को 5 कार्य दिवसों के भीतर अपील को रजिस्टर करना होगा और 30 कार्य दिवस के अंदर सुनवाई और समीक्षा प्रक्रिया की जाएगी. अपील पंजीकरण की प्राप्ति की तिथि से 60 कार्य दिवस के अंदर अंतिम फैसला दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता टीसीपी वेबसाइट पर समर्पित पोर्टल और जिला डिस्ट्रिक टाउन प्लानर कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है. जन शिकायतों के निवारण के लिए राज्य शिकायत निगरानी समिति का गठन किया जाएगा, जो शिकायत निवारण प्राधिकारियों द्वारा की गई शिकायतों के निवारण का मूल्यांकन करेगी और समिति के अर्धवार्षिक रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत की जाएगी. उन्होंने कहा की सरकार राज्य में प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है और समयबद्ध शिकायत निवारण में असफल रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी.

