हिमाचल में जनगणना के लिए लगाए अधिकारी, 2027 के लिए सरकार की पूरी तैयारी
हिमाचल में जनगणना के लिए जिला, उपमंडल और तहसील स्तर पर की गई अधिकारियों की नियुक्तियां.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 9:42 AM IST
|Updated : January 8, 2026 at 9:48 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में जनगणना को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. जिसके लिए सरकार ने जिला, उपमंडल और तहसील स्तर पर अधिकारियों की नियुक्तियां कर दी हैं, ताकि जनगणना 2027 का कार्य सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके. इन नियुक्तियों के साथ ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई है और जनगणना प्रक्रिया को लेकर निचले स्तर तक जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं, जिससे हर व्यक्ति तक सही और सटीक आंकड़े पहुंच सकें. इसको लेकर मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से अधिसूचना जारी कर दी है.
ये होंगे डिविजनल सेंसस ऑफिसर
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में मुताबिक मंडल स्तर पर जिला, उपमंडल, तहसील और शहरी निकाय स्तर पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है. जिसमें मंडल स्तर पर डिविजनल कमिश्नर को डिविजनल सेंसस ऑफिसर नियुक्त किया गया है. जिला स्तर पर डीसी जिले के प्रधान जनगणना अधिकारी होंगे. इसके अलावा जिला स्तर पर एडीसी, एडीएम, रेजिडेंट कमिश्नर, एसी टू डीसी व प्रोजेक्ट ऑफिसर को जिला जनगणना अधिकारी का पदनाम दिया गया है. इसी तरह से जिला स्तर पर ही राजस्व अधिकारी/ अन्य कोई जिला स्तरीय अधिकारी को अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी लगाया गया है.

मंडल स्तर पर इन्हें जिम्मेवारी
हिमाचल प्रदेश में उपमंडल स्तर पर एसडीएम को सब डिविजनल सेंसस ऑफिसर नियुक्त किया गया है. तहसील/ सब तहसील स्तर पर तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने क्षेत्रों में चार्ज जनगणना अधिकारी का जिम्मा देखेंगे. वहीं, जिला/ तहसील/ सब तहसील स्तर पर हर जिले में जिला राजस्व अधिकारियों की सहायता करने वाले सभी सदर कानूनगो या सांख्यिकीय सहायक (जैसा लागू हो) व प्रत्येक तहसील/ उप-तहसील में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की सहायता करने वाले सभी कार्यालय कानूनगो या लिपिकीय संवर्ग के उपयुक्त स्तर (जैसे अधीक्षक आदि) (जैसा लागू हो). सहायक जनगणना अधिकारी होंगे.

यहां इनको ये जिम्मेवारी
वहीं, राज्य सरकार ने नगर निगम, छावनी परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायत स्तर पर भी नियुक्ति की है. जिसमें नगर निगम स्तर पर कमिश्नर को प्रधान जनगणना अधिकारी, नगर निगम स्तर पर ही नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त/ संयुक्त आयुक्त/ सहायक आयुक्त को शहर जनगणना अधिकारी लगाया गया है. वहीं, नगर निगम, छावनी परिषद, नगर परिषद, नगर पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी/ कार्यकारी अधिकारी/ उप नियंत्रक (वित्त एवं लेखा)/ कार्यकारी अभियंता/ सहायक अभियंता/ सचिव/ अनुभाग अधिकारी (वित्त एवं लेखा)/ अधीक्षक श्रेणी-1 एवं II, अपने-अपने संबंधित नगर निगम/ छावनी परिषद/ नगर पालिका परिषद/ नगर पंचायत में (जैसा लागू हो) को चार्ज जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है.

दो चरणों में जनगणना
जनगणना का पहला चरण अप्रैल से सितंबर, 2026 के बीच पूरा किया जाएगा. इस चरण में मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का फील्ड कार्य होगा, जिसमें घरों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी इकट्ठी की जाएगी. दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या गणना के तहत हर व्यक्ति से जुड़े सामाजिक और आर्थिक आंकड़े जुटाए जाएंगे. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई भी जनगणना पदाधिकारी या नियुक्त व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता या जनगणना कार्य में बाधा डालता है तो उसे एक हजार रुपए तक जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर तीन साल तक की सजा हो सकती है.

