AI तकनीक का विरोध प्रगति में बाधक, करनी ही है तो राम के नाम पर करो राजनीति: राज्यपाल
हिमाचल के राज्यपाल ने कहा कि, तकनीक का विरोध प्रगति में बाधक है. अगर राजनीति ही करनी है, तो राम के नाम पर करो.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 21, 2026 at 12:48 PM IST
बस्ती(उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के दौरे पर पहुंचे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने AI तकनीक के विरोध पर बड़ी बातें कहीं है. राज्यपाल ने तकनीक और आध्यात्म के संगम पर जोर देते हुए कहा कि AI आज विश्व की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है. भारत AI के क्षेत्र में चीन की बराबरी करने की स्थिति में आ चुका है. इसके साथ ही उन्होंने नसीहत दी कि अगर राजनीति करनी ही है तो भगवान श्री राम के नाम पर करो.
'AI तकनीक में भारत दे रहा विश्व को चुनौती'
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि, तकनीक का विरोध प्रगति में बाधक है. कांग्रेस द्वारा डिजिटल इंडिया और AI का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिए जाने के दावों पर राज्यपाल ने कहा कि, देश की किसी भी तकनीकी उपलब्धि का श्रेय राजनेताओं के बजाय उन वैज्ञानिकों को मिलना चाहिए, जिन्होंने अपनी कठिन मेहनत के बल पर आज देश को इस मुकाम पर पहुंचाया है. श्रेय की राजनीति के बजाय प्रतिभा के सम्मान की संस्कृति विकसित होनी चाहिए.
'अगर राजनीति करनी ही है तो राम के नाम पर करो'
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार करते हुए कहा कि, "अगर किसी को राजनीति ही करनी है, तो राम के नाम पर करो, क्योंकि राम के बिना भारत की कल्पना भी संभव नहीं है. राम हैं तो सब कुछ है. हम सभी को राम के मार्ग पर चलना चाहिए, तभी हमारे सभी संकल्प और कार्य पूर्ण होंगे."
फ्रीबीज कल्चर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का समर्थन
हिमाचल के राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, आज पूरा विश्व उन्हें 'बॉस' के रूप में स्वीकार कर रहा है. उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का श्रेय प्रधानमंत्री की इच्छाशक्ति दी. इसके साथ ही राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त सुविधाओं के वादों (फ्रीबीज कल्चर) पर राज्यपाल ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का जमकर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि, देश के विकास के लिए लोगों को फ्रीबीज कल्चर के बजाय 'नौकरी और स्वरोजगार' के अवसर प्रदान करने चाहिए. युवाओं के हाथ में कौशल होगा तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो पाएगा.
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